मंगलेश डबराल – संगतकार — Class 10 Hindi
क्षितिज भाग-2 · Chapter 6
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Chapter summary
Key ideas & terms
- संगतकार
- मुख्य गायक के साथ सहायक स्वर देने वाला कलाकार।
- मुख्य गायक
- वह प्रमुख कलाकार जिसे संगतकार सहारा देता है।
- विनम्रता
- संगतकार का अपने स्वर को ऊँचा न उठने देना — उसकी मनुष्यता।
- सहयोग
- पर्दे के पीछे रहकर दूसरे की सफलता में योगदान।
- अनाम कलाकार
- वे सहयोगी जिन्हें प्रसिद्धि नहीं मिलती।
- मनुष्यता
- संगतकार की विनम्रता में निहित बड़प्पन।
Extra questions & answers
संगतकार मुख्य गायक की किस प्रकार सहायता करता है?
वह उसके स्वर के पीछे अपना स्वर मिलाता है और जब मुख्य गायक थककर लय खोने लगता है, तब उसे सँभालकर लय में लाता है।
संगतकार अपनी आवाज़ को ऊँचा क्यों नहीं उठने देता?
ताकि मुख्य गायक की प्रमुखता और महिमा बनी रहे; वह जान-बूझकर पीछे रहता है।
कवि संगतकार की विनम्रता को क्या मानते हैं?
उसकी कमज़ोरी नहीं, बल्कि उसकी मनुष्यता और महानता।
कविता किनके प्रति सम्मान व्यक्त करती है?
समाज के उन अनाम, पर्दे के पीछे काम करने वाले सहयोगियों के प्रति जिनके बिना किसी की सफलता संभव नहीं।
संगतकार कौन होता है?
संगतकार वह सहायक कलाकार है जो मुख्य गायक के साथ अपना स्वर मिलाकर उसे सहारा देता है, पर स्वयं प्रमुखता नहीं पाता।
संगतकार मुख्य गायक की किस प्रकार सहायता करता है?
जब मुख्य गायक थककर लय खोने लगता है, तब संगतकार ही अपने स्वर से उसे सँभालकर लय में लाता है।
संगतकार अपनी आवाज़ ऊँची क्यों नहीं उठाता?
ताकि मुख्य गायक की प्रमुखता और महिमा बनी रहे; वह जान-बूझकर पीछे रहता है।
कवि संगतकार की विनम्रता को क्या मानते हैं?
कवि इस विनम्रता को उसकी कमज़ोरी नहीं, बल्कि उसकी मनुष्यता और महानता मानते हैं।
यह कविता किनके प्रति सम्मान व्यक्त करती है?
समाज के उन अनाम, पर्दे के पीछे काम करने वाले सहयोगियों के प्रति, जिनके बिना किसी की सफलता संभव नहीं।
कविता का मुख्य संदेश क्या है?
सहयोग, विनम्रता और अनाम योगदान का महत्त्व — कि हर सफलता के पीछे अनेक सहयोगियों का परिश्रम होता है।


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