निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले — Class 10 Hindi
स्पर्श भाग-2 · Chapter 13
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Chapter summary
Key ideas & terms
- संवेदनहीनता
- दूसरों के दुख के प्रति उदासीनता।
- सहअनुभूति
- दूसरों के दुख को अपना समझने की भावना।
- प्रकृति का संतुलन
- जीवों और पर्यावरण के बीच का संतुलन।
- स्वार्थ
- मनुष्य की आत्म-केंद्रित प्रवृत्ति।
- सहअस्तित्व
- सभी जीवों का मिल-जुलकर जीना।
- निदा फ़ाज़ली
- इस पाठ के लेखक।
Extra questions & answers
लेखक किस बात पर चिंता व्यक्त करते हैं?
मनुष्य की बढ़ती संवेदनहीनता और प्रकृति तथा अन्य जीवों के प्रति उसकी उदासीनता पर।
लेखक बड़े-बुज़ुर्गों के कौन-से उदाहरण देते हैं?
जो पशु-पक्षियों और चींटियों तक के प्रति दया और संवेदना रखते थे।
मनुष्य ने प्रकृति का संतुलन कैसे बिगाड़ा?
पेड़ काटकर, समुद्र पाटकर और पशु-पक्षियों के घर छीनकर अपने स्वार्थ के लिए।
पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
सृष्टि के सभी जीव जुड़े हैं; मनुष्य को संवेदनशील बनकर प्रकृति और अन्य प्राणियों के साथ सहअस्तित्व में रहना चाहिए।
इस पाठ के लेखक कौन हैं और वे किस बात पर चिंता व्यक्त करते हैं?
इसके लेखक निदा फ़ाज़ली हैं; वे मनुष्य की बढ़ती संवेदनहीनता और प्रकृति के प्रति उदासीनता पर चिंता व्यक्त करते हैं।
लेखक बड़े-बुज़ुर्गों के कौन-से उदाहरण देते हैं?
वे ऐसे बुज़ुर्गों का उल्लेख करते हैं जो पशु-पक्षियों और चींटियों तक के प्रति दया और संवेदना रखते थे।
मनुष्य ने प्रकृति का संतुलन कैसे बिगाड़ा?
अपने स्वार्थ के लिए पेड़ काटकर, समुद्र पाटकर और पशु-पक्षियों के घर छीनकर।
प्रकृति का संतुलन बिगड़ने का दुष्परिणाम किसे भुगतना पड़ रहा है?
इसका दुष्परिणाम अंततः स्वयं मनुष्य को ही भुगतना पड़ रहा है।
पाठ के अनुसार सृष्टि के सभी जीव कैसे हैं?
सृष्टि के सभी जीव एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
मनुष्य को संवेदनशील बनकर प्रकृति और अन्य प्राणियों के साथ सहअस्तित्व में रहना चाहिए।


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