अंतोन चेखव – गिरगिट — Class 10 Hindi
स्पर्श भाग-2 · Chapter 12
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Chapter summary
Key ideas & terms
- ओचुमेलॉव
- अवसरवादी पुलिस-इंस्पेक्टर जो बार-बार राय बदलता है।
- ख्यूक्रिन
- वह सुनार जिसकी उँगली कुत्ता काट लेता है।
- गिरगिट
- रंग बदलने वाला जीव; अवसरवादिता का प्रतीक।
- अवसरवादिता
- लाभ देखकर अपना रुख बदलने की प्रवृत्ति।
- चापलूसी
- शक्तिशाली के आगे झुकने की मानसिकता।
- व्यंग्य
- न्याय के दिखावे और अवसरवाद पर चेखव का प्रहार।
Extra questions & answers
कहानी में ओचुमेलॉव बार-बार अपनी राय क्यों बदलता है?
कुत्ते के मालिक के पद के अनुसार — जब लगता है कुत्ता जनरल का है, तब वह शिकायतकर्ता को दोषी ठहराता है, और आवारा समझने पर कुत्ते को।
कहानी का शीर्षक ‘गिरगिट’ क्यों रखा गया है?
क्योंकि इंस्पेक्टर गिरगिट की तरह बार-बार अपना रंग/रुख बदलता है।
कुत्ते ने किसकी उँगली काटी थी?
सुनार ख्यूक्रिन की उँगली।
कहानी किस प्रवृत्ति पर व्यंग्य करती है?
अवसरवादिता, चापलूसी और शक्ति/पद के आगे झुककर न्याय का दिखावा करने वाली मानसिकता पर।
‘गिरगिट’ कहानी के लेखक कौन हैं और किस देश के हैं?
इसके लेखक अंतोन चेखव हैं, जो रूस के प्रसिद्ध कथाकार थे।
कहानी में इंस्पेक्टर बार-बार अपनी राय क्यों बदलता है?
वह यह देखकर राय बदलता है कि कुत्ता किसी बड़े अधिकारी (जनरल) का तो नहीं; मालिक के पद के अनुसार उसका रुख बदल जाता है।
कहानी का शीर्षक ‘गिरगिट’ क्यों रखा गया है?
क्योंकि इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव गिरगिट की तरह बार-बार अपना रंग/रुख बदलता है।
कुत्ते ने किसकी उँगली काटी थी?
कुत्ते ने सुनार ख्यूक्रिन की उँगली काटी थी।
कहानी किस प्रवृत्ति पर व्यंग्य करती है?
शक्ति और पद के आगे झुकने वाली अवसरवादी, चापलूस मानसिकता और न्याय के दिखावे पर।
कहानी में अंततः किसकी प्रवृत्ति उजागर होती है?
अवसरवादिता की — कि लोग न्याय और सत्य की बजाय शक्ति और स्वार्थ के अनुसार व्यवहार करते हैं।


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