ProSyllabusLearn a little. Grow every day.Log in
YOUR STUDY SPACE · CBSE

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' – उत्साह, अट नहीं रही है — Class 10 Hindi

क्षितिज भाग-2 · Chapter 4

Visual story

Watch as story →

CBSE Class 10 community

View all
All available subjects
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
TrendingStart now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • Mathematics
  • Science
  • + 10 more
~7 pages per kitPage 1 free
Hindi A · Kshitij 2 + Kritika 2
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • 15 पाठ
  • व्याकरण
  • लेखन प्रारूप
Only 7 pagesPage 1 free
Hindi B · Sparsh 2 + Sanchayan 2
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • 17 पाठ
  • व्याकरण
  • लेखन प्रारूप
Only 7 pagesPage 1 free
Social Science
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • History
  • Economics
  • + 2 more
~7 pages per kitPage 1 free
English
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • First Flight
  • Footprints without Feet
~7 pages per kitPage 1 free
Mathematics (Standard and Basic)
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • 70+ formulas and theorems
  • Board-paper chapter counts
  • 24 traps corrected
Only 7 pagesPage 1 free
Science
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
TrendingStart now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • Equations and formulas
  • Book tables as charts
  • Traps corrected
Only 7 pagesPage 1 free
Computer Applications 2027
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • HTML & CSS examples
  • Protocol tables
  • Cyber ethics
Only 7 pagesPage 1 free
Sanskrit · Shemushi 2 + Vyakaranavithi + Abhyaswaan Bhav
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.
  • 9 पाठ
  • सन्धि-समास
  • प्रत्यय
Only 7 pagesPage 1 free
Browse all Class 10 kits →

Chapter summary

इस पाठ में निराला की दो कविताएँ संकलित हैं। ‘उत्साह’ एक आह्वान-गीत है जिसमें कवि बादल को संबोधित करते हुए उससे गरजने, बरसने और क्रांति लाने का आह्वान करते हैं। बादल यहाँ नवजीवन, परिवर्तन और जन-जागरण का प्रतीक है; कवि चाहते हैं कि वह तपते हुए जीवन में नई चेतना और उत्साह भर दे। दूसरी कविता ‘अट नहीं रही है’ में कवि वसंत ऋतु की व्यापक सुंदरता का चित्रण करते हैं — फागुन की शोभा इतनी फैल गई है कि वह कहीं समा नहीं रही; प्रकृति की सुंदरता आँखों और मन में नहीं अँटती। दोनों कविताएँ निराला की ओजपूर्ण तथा कोमल — दोनों प्रकार की काव्य-शक्ति, प्रकृति-प्रेम और क्रांतिकारी चेतना को व्यक्त करती हैं।
बादल का प्रतीकक्रांति और नवजीवन का आह्वानवसंत/फागुन का सौंदर्यनिराला की ओज और कोमलताप्रकृति-चित्रण

Key ideas & terms

उत्साह
बादल को संबोधित आह्वान-गीत; नवजीवन और क्रांति का आवाहन।
बादल
कविता में नवजीवन, परिवर्तन और जन-जागरण का प्रतीक।
अट नहीं रही है
वसंत/फागुन की व्यापक सुंदरता का चित्रण करती कविता।
फागुन
वसंत ऋतु का मास, जिसकी शोभा कहीं समा नहीं रही।
ओज
निराला की कविता में विद्यमान शक्ति और तेज।
प्रकृति-प्रेम
कवि का प्रकृति-सौंदर्य के प्रति गहरा अनुराग।

Extra questions & answers

‘उत्साह’ कविता में बादल किसका प्रतीक है?

नवजीवन, परिवर्तन, क्रांति और जन-जागरण का प्रतीक है।

कवि बादल से क्या आह्वान करते हैं?

कि वह गरजे, बरसे और तपते जीवन में नई चेतना तथा उत्साह भर दे।

‘अट नहीं रही है’ में कवि क्या व्यक्त करते हैं?

फागुन/वसंत की सुंदरता इतनी व्यापक है कि वह कहीं समा नहीं रही, आँखों और मन में नहीं अँटती।

इन कविताओं से निराला की कौन-सी विशेषताएँ प्रकट होती हैं?

उनकी ओजपूर्ण और कोमल दोनों काव्य-शक्ति, प्रकृति-प्रेम तथा क्रांतिकारी चेतना।

‘उत्साह’ कविता में कवि किसे संबोधित करते हैं और क्यों?

कवि बादल को संबोधित करते हैं और उससे गरजने, बरसने तथा तपते जीवन में नवचेतना और क्रांति लाने का आह्वान करते हैं।

‘उत्साह’ में बादल किसका प्रतीक है?

बादल नवजीवन, परिवर्तन, जन-जागरण और क्रांति का प्रतीक है।

‘अट नहीं रही है’ कविता किस ऋतु का चित्रण करती है?

यह कविता वसंत/फागुन ऋतु की व्यापक सुंदरता का चित्रण करती है।

‘अट नहीं रही है’ का क्या आशय है?

फागुन की शोभा इतनी व्यापक और सुंदर है कि वह कहीं समा नहीं रही, आँखों और मन में नहीं अँटती।

इन कविताओं से निराला की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?

उनकी ओजपूर्ण और कोमल — दोनों प्रकार की काव्य-शक्ति, प्रकृति-प्रेम तथा क्रांतिकारी चेतना।

‘उत्साह’ को किस प्रकार का गीत कहा जा सकता है?

इसे बादल को संबोधित एक आह्वान-गीत कहा जा सकता है।