लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा — Class 10 Hindi
स्पर्श भाग-2 · Chapter 10
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Chapter summary
Key ideas & terms
- तताँरा
- नेक, साहसी युवक जिसके पास चमत्कारी लकड़ी की तलवार है।
- वामीरो
- दूसरे गाँव की युवती, तताँरा की प्रेमिका।
- लोक-कथा
- अंडमान-निकोबार की प्रचलित जन-कथा।
- रूढ़ि/प्रथा
- एक ही गाँव में विवाह की पुरानी परंपरा।
- त्याग
- तताँरा का बलिदान, जिससे प्रथा बदली।
- सामाजिक परिवर्तन
- बलिदान के बाद दूसरे गाँव में विवाह की स्वीकृति।
Extra questions & answers
तताँरा और वामीरो के मिलन में क्या बाधा थी?
उस समय की रूढ़ि कि विवाह एक ही गाँव में होना चाहिए; दोनों भिन्न गाँवों के थे।
तताँरा की तलवार में क्या विशेषता थी?
वह एक चमत्कारी लकड़ी की तलवार थी, जिसका वह सामान्यतः उपयोग नहीं करता था।
कथा के अंत में द्वीप के साथ क्या हुआ?
क्रोध और पीड़ा में तताँरा द्वारा धरती चीरने से द्वीप दो भागों में बँट गया और तताँरा बह गया।
इस कथा का मुख्य संदेश क्या है?
प्रेम, त्याग और हानिकारक रूढ़ियों के विरुद्ध सामाजिक परिवर्तन।
यह कथा किस द्वीप-समूह की लोक-कथा है और इसके लेखक कौन हैं?
यह अंडमान-निकोबार द्वीप-समूह की लोक-कथा है और इसके लेखक लीलाधर मंडलोई हैं।
तताँरा कैसा युवक था और उसके पास कौन-सी विशेष वस्तु थी?
तताँरा नेक, साहसी और सबका प्रिय युवक था; उसके पास एक चमत्कारी लकड़ी की तलवार थी।
तताँरा और वामीरो के मिलन में क्या बाधा थी?
उस समय की रूढ़ि के अनुसार विवाह एक ही गाँव में होना चाहिए था, जबकि दोनों भिन्न गाँवों के थे।
क्रोध और पीड़ा में तताँरा ने क्या किया और उसका क्या परिणाम हुआ?
अपमानित होकर उसने तलवार से धरती चीर दी, जिससे द्वीप दो भागों में बँट गया और वह बह गया।
इस बलिदान के बाद समाज में क्या परिवर्तन आया?
बलिदान के बाद समाज ने दूसरे गाँव में विवाह की प्रथा को स्वीकार कर लिया।
कथा का मुख्य संदेश क्या है?
प्रेम, त्याग और हानिकारक रूढ़ियों के विरुद्ध सामाजिक परिवर्तन।


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