शिवपूजन सहाय – माता का अँचल — Class 10 Hindi
कृतिका भाग-2 · Chapter 1
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Chapter summary
शिवपूजन सहाय की यह रचना ग्रामीण बाल-जीवन और माता-पिता के वात्सल्य का सजीव चित्रण करती है। कहानी का नायक भोलानाथ अपने पिता के अत्यधिक लाड़-प्यार में पलता है; पिता उसे ‘तारकेश्वरनाथ’ कहकर पुकारते हैं, उसके साथ खेलते, खिलाते और पूजा-पाठ में भी साथ रखते हैं। बालक अपने मित्रों के साथ तरह-तरह के खेल खेलता है — खेती-गृहस्थी का खेल, बारात, चूल्हा-चौका आदि — जिनसे तत्कालीन ग्रामीण जीवन और बाल-मनोविज्ञान उभरता है। पर जब एक दिन खेलते समय साँप निकल आता है और बालक भयभीत होकर भागता है, तो वह सीधे माँ के अँचल में जा छिपता है — पिता के इतने स्नेह के बावजूद संकट के क्षण में उसे माँ की गोद ही सबसे बड़ी शरण लगती है। यह रचना माँ के अँचल में निहित अपार ममता और सुरक्षा की भावना को मार्मिक ढंग से व्यक्त करती है।
बाल-जीवन का चित्रणपिता का वात्सल्यमाँ के अँचल की ममताग्रामीण परिवेशबाल-मनोविज्ञान
Key ideas & terms
- भोलानाथ
- कहानी का बाल-नायक, पिता का अत्यधिक दुलारा।
- तारकेश्वरनाथ
- पिता द्वारा भोलानाथ को पुकारने का स्नेहिल नाम।
- वात्सल्य
- माता-पिता का संतान के प्रति प्रेम — कहानी का मूल भाव।
- माँ का अँचल
- ममता और सुरक्षा का प्रतीक, जहाँ बालक संकट में शरण पाता है।
- बाल-मनोविज्ञान
- बच्चों के खेल और व्यवहार में झलकता उनका मन।
- ग्रामीण जीवन
- कहानी में चित्रित तत्कालीन गाँव का सहज जीवन।
Extra questions & answers
पिता भोलानाथ को किस नाम से पुकारते थे?
पिता उसे स्नेह से ‘तारकेश्वरनाथ’ कहकर पुकारते थे।
संकट के समय बालक किसके पास भागकर छिपा?
साँप देखकर भयभीत बालक सीधे अपनी माँ के अँचल में जा छिपा।
कहानी से माँ के अँचल का क्या महत्त्व प्रकट होता है?
पिता के इतने स्नेह के बावजूद संकट में माँ की गोद ही बालक को सबसे बड़ी शरण और सुरक्षा देती है।
कहानी में बच्चों के खेल किसका परिचय देते हैं?
तत्कालीन ग्रामीण जीवन और बाल-मनोविज्ञान का सजीव परिचय देते हैं।
‘माता का अँचल’ के लेखक कौन हैं और इसका बाल-नायक कौन है?
इसके लेखक शिवपूजन सहाय हैं और बाल-नायक भोलानाथ है।
पिता भोलानाथ को किस नाम से पुकारते थे?
पिता उसे स्नेह से ‘तारकेश्वरनाथ’ कहकर पुकारते थे।
भोलानाथ पर किसका लाड़-प्यार अधिक था?
भोलानाथ अपने पिता के अत्यधिक लाड़-प्यार में पलता था।
संकट के समय बालक किसके पास भागकर छिपा?
खेलते समय साँप देखकर भयभीत बालक सीधे अपनी माँ के अँचल में जा छिपा।
कहानी से माँ के अँचल का क्या महत्त्व प्रकट होता है?
पिता के इतने स्नेह के बावजूद संकट में माँ की गोद ही बालक को सबसे बड़ी शरण और सुरक्षा देती है।
कहानी में बच्चों के खेल किसका परिचय देते हैं?
वे तत्कालीन ग्रामीण जीवन और बाल-मनोविज्ञान का सजीव परिचय देते हैं।


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