CBSE Class 10 Board Examination
Board examination for Class 10 students under CBSE, a critical milestone assessing core subjects and determining progression to higher secondary education.
निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले — Class 10 Hindi
Chapter 13: निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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निदा फ़ाज़ली का यह पाठ मनुष्य की संवेदनहीनता और प्रकृति तथा अन्य जीवों के प्रति उसकी उदासीनता पर चिंता व्यक्त करता है। लेखक बताते हैं कि पहले लोगों में दूसरों के दुख को अपना समझने की भावना थी, पर आज मनुष्य आत्म-केंद्रित और स्वार्थी होता जा रहा है। वे अपने बचपन और बड़े-बुज़ुर्गों के उदाहरण देते हैं जो पशु-पक्षियों, चींटियों तक के प्रति दया और संवेदना रखते थे। लेखक चिंता प्रकट करते हैं कि मनुष्य ने अपने स्वार्थ के लिए प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है — पेड़ काटे, समुद्र पाटे, पशु-पक्षियों के घर छीने — जिसका दुष्परिणाम स्वयं मनुष्य को भुगतना पड़ रहा है। पाठ यह संदेश देता है कि सृष्टि के सभी जीव एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए मनुष्य को संवेदनशील बनकर प्रकृति और अन्य प्राणियों के साथ सहअस्तित्व में रहना चाहिए।
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अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले