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CBSE Class 7 — Notes, Chapters & Practice Quizzes

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Sanskrit · 15 chapters
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Chapter 2: नित्यं पिबामः सुभाषितरसम्Class 7 Sanskrit — summary, notes, extra questions & MCQ quiz

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"सुभाषित" किसे कहते हैं?

The story in short

यह पाठ सुभाषितों (श्रेष्ठ जनों के सुवचनों) का संकलन है, जो संवाद-रूप में आरम्भ होता है। आचार्य छात्रों को बताते हैं कि सुभाषित मानव के विविध मूल्यों के विकास के लिए श्रेष्ठ जनों द्वारा कहे गए सुवचन हैं, जिनके अध्ययन से नैतिक तथा सामाजिक विकास होता है। पाठ में नौ चयनित सुभाषित-श्लोक हैं, प्रत्येक के साथ पदच्छेद, अन्वय तथा भावार्थ दिया गया है। प्रमुख सन्देश हैं — वस्त्र, शरीर, वाणी, विद्या तथा विनय इन पाँच "व"कारों से युक्त व्यक्ति समाज में पूजित होता है; निद्रा-तन्द्रा-भय-क्रोध-आलस्य-दीर्घसूत्रता ये छह दोष त्यागने योग्य हैं; जल से शरीर, सत्य से मन, विद्या-तप से आत्मा तथा ज्ञान से बुद्धि शुद्ध होती है; निरन्तर अभ्यास से बूँद-बूँद घड़ा भरता है वैसे ही ज्ञान-धन एकत्र होता है; जो पढ़ता-लिखता-देखता-पूछता तथा विद्वानों के समीप रहता है उसकी बुद्धि सूर्यकिरणों से कमल के समान विकसित होती है; प्रिय वचन से सभी प्राणी प्रसन्न होते हैं; आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है तथा उद्यम सबसे बड़ा बन्धु; परोपकार पुण्य के लिए तथा परपीडन पाप के लिए होता है। पाठ में तृतीया विभक्ति के शब्दरूप भी सिखाए गए हैं।

सुभाषित का स्वरूप तथा महत्त्वपाँच "व"कार तथा छह दोषशरीर-मन-आत्मा-बुद्धि की शुद्धिपरोपकार तथा प्रिय वचन का सन्देशतृतीया विभक्ति के शब्दरूप

Characters & key ideas

सुभाषितम्सु + भाषित = सुन्दर वचन; श्रेष्ठ जनों के नीति-वचन जिनमें जीवन-मूल्य निहित हैं।
पञ्च वकाराःवस्त्र, वपु (शरीर), वाणी, विद्या तथा विनय — इन पाँच "व"कारों से युक्त व्यक्ति पूजित होता है।
षड् दोषाःनिद्रा, तन्द्रा, भय, क्रोध, आलस्य तथा दीर्घसूत्रता — ये छह दोष त्यागने योग्य हैं।
दीर्घसूत्रताकार्य को आगे टालने की प्रवृत्ति (procrastination); ऐश्वर्य का अवरोधक एक दोष।
तृतीया विभक्तिकरण कारक की विभक्ति; जैसे छात्रेण, विद्यया, सत्येन, ज्ञानेन — "अद्भिः गात्राणि शुध्यन्ति"।
परोपकारःदूसरों का उपकार; "परोपकारः पुण्याय, पापाय परपीडनम्" — व्यास का सारवचन।

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सुभाषितम्
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सु + भाषित = सुन्दर वचन; श्रेष्ठ जनों के नीति-वचन जिनमें जीवन-मूल्य निहित हैं।
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Practice quiz · नित्यं पिबामः सुभाषितरसम्

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#1

नित्यं पिबामः सुभाषितरसम्

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Sanskrit 10 Qs · ~10 min

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