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अहं च त्वं च — Class 6 Sanskrit

दीपकम् · Chapter 4

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Chapter summary

यह पाठ अस्मद् (मैं/हम) तथा युष्मद् (तुम/आप) सर्वनामों तथा "अस्" धातु (होना — अस्ति, स्तः, सन्ति) के प्रयोग पर केन्द्रित है। चित्रों के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों के व्यक्ति अपना परिचय देते हैं — "मम नाम भरतः, अहं छात्रः", "मम नाम मेनका, अहं छात्रा" आदि। पाठ अस्मद्-शब्द के अहम्-आवाम्-वयम् तथा युष्मद्-शब्द के त्वम्-युवाम्-यूयम् रूप, और इनके साथ प्रयुक्त "अस्" धातु के रूप — अस्मि-स्वः-स्मः (उत्तमपुरुष), असि-स्थः-स्थ (मध्यमपुरुष), अस्ति-स्तः-सन्ति (प्रथमपुरुष) — सिखाता है। पाठ में पुरुष का परिचय भी है — अहम्/आवाम्/वयम् उत्तमपुरुष, त्वम्/युवाम्/यूयम् मध्यमपुरुष, तथा भवान्/भवती/सः/सा प्रथमपुरुष के साथ प्रयुक्त होते हैं। "अहं पठामि संस्कृतम्" जैसे गीत द्वारा क्रियापद-अभ्यास भी कराया जाता है। यह पाठ संवाद-निर्माण तथा परिचय देने की संस्कृत-शैली में छात्रों को दक्ष करता है।
अस्मद् तथा युष्मद् सर्वनामअस्-धातु (अस्ति, स्तः, सन्ति)तीन पुरुष — प्रथम, मध्यम, उत्तमआदरसूचक भवान्/भवतीआत्म-परिचय तथा संवाद-निर्माण

Key ideas & terms

अस्मद्-शब्दः
प्रथमपुरुष सर्वनाम "मैं/हम" — अहम् (एक.), आवाम् (द्वि.), वयम् (बहु.); तीनों लिङ्गों में समान।
युष्मद्-शब्दः
मध्यमपुरुष सर्वनाम "तुम/आप" — त्वम् (एक.), युवाम् (द्वि.), यूयम् (बहु.); तीनों लिङ्गों में समान।
अस्-धातुः
"होना" अर्थ की धातु — अस्ति, स्तः, सन्ति आदि रूप; वाक्य में सत्ता बताती है।
पुरुषः
त्रिविध — प्रथमपुरुष (वह), मध्यमपुरुष (तुम), उत्तमपुरुष (मैं); क्रिया इन्हीं के अनुसार बदलती है।
भवान्/भवती
आदरसूचक सर्वनाम "आप"; इनका प्रयोग प्रथमपुरुष की क्रिया के साथ होता है।
मकारलोपः
व्यञ्जन से पूर्व पदान्त "म्" के स्थान पर अनुस्वार लिखा जाता है — जैसे पुस्तकं नास्ति।

Extra questions & answers

अस्मद्-शब्द के तीनों वचन के रूप क्या हैं?

अहम् (एकवचन), आवाम् (द्विवचन), वयम् (बहुवचन)।

युष्मद्-शब्द के तीनों वचन के रूप क्या हैं?

त्वम् (एकवचन), युवाम् (द्विवचन), यूयम् (बहुवचन)।

अस्मद् तथा युष्मद् शब्द के रूप तीनों लिङ्गों में कैसे होते हैं?

अस्मद् तथा युष्मद् शब्द के रूप तीनों लिङ्गों में समान होते हैं।

"अस्" धातु के तीनों वचन (प्रथमपुरुष) के रूप क्या हैं?

अस्ति (एकवचन), स्तः (द्विवचन), सन्ति (बहुवचन)।

उत्तमपुरुष में "अस्" धातु के रूप क्या हैं?

अस्मि (एकवचन), स्वः (द्विवचन), स्मः (बहुवचन)।

संस्कृत में कितने पुरुष होते हैं?

तीन पुरुष होते हैं — प्रथमपुरुष, मध्यमपुरुष तथा उत्तमपुरुष।

अहम्/आवाम्/वयम् किस पुरुष में आते हैं?

ये उत्तमपुरुष में आते हैं तथा इनके साथ उत्तमपुरुष की क्रिया प्रयुक्त होती है।

त्वम्/युवाम्/यूयम् किस पुरुष में आते हैं?

ये मध्यमपुरुष में आते हैं तथा इनके साथ मध्यमपुरुष की क्रिया प्रयुक्त होती है।

भवान् तथा भवती का प्रयोग किस पुरुष की क्रिया के साथ होता है?

भवान्, भवती आदि आदरसूचक शब्दों का प्रयोग प्रथमपुरुष की क्रिया के साथ होता है।

"त्वम् छात्रः" को बहुवचन में बदलिए।

"यूयं छात्राः स्थ" — त्वम् का बहुवचन यूयम् तथा असि का बहुवचन स्थ होता है।