यह पाठ आयुर्वेद के आहार-नियमों को एक रोचक कथा के माध्यम से समझाता है। माता-पुत्र के संवाद से आरम्भ होकर पाठ बताता है कि अत्यन्त गर्म भोजन हितकर नहीं होता। फिर माता एक कथा सुनाती है — भगवान धन्वन्तरि सुन्दर शुक (तोते) का रूप धारण कर "कोऽरुक्?" (कौन रोगरहित है?) पूछते हुए घूमते हैं। अनेक वैद्यों के पास उत्तर नहीं मिलता, पर वैद्य वाग्भट उत्तर देते हैं — "हितभुक्, मितभुक्, ऋतुभुक्" अर्थात् जो हितकर, सीमित मात्रा में और ऋतु के अनुसार भोजन करता है, वही स्वस्थ रहता है। धन्वन्तरि प्रसन्न होकर अपना परिचय देते हैं और वाग्भट को आयुर्वेद-तन्त्र रचने की प्रेरणा देते हैं। पाठ में हितभुक्, मितभुक् और ऋतुभुक् की विस्तृत व्याख्या, प्रातः उठकर व्यायाम-स्नान-दन्तधावन तथा "सर्वे भवन्तु सुखिनः" जैसी प्रार्थना भी दी गई है। पाठ स्वस्थ जीवन और संतुलित आहार का सन्देश देता है।
आयुर्वेद के आहार-नियमहितभुक्-मितभुक्-ऋतुभुक्धन्वन्तरि और वाग्भटस्वस्थ जीवनचर्याषट् ऋतुएँसर्वे भवन्तु सुखिनः
Characters & key ideas
अअरुक्रोगरहित, स्वस्थ (न + रुक्)।
हहितभुक्जो हितकर भोजन करता है।
ममितभुक्जो सीमित मात्रा में भोजन करता है।
ऋऋतुभुक्जो ऋतु के अनुसार उपयुक्त भोजन करता है।
धधन्वन्तरिःआयुर्वेद के देव, जो शुक-रूप में आते हैं।
ववाग्भटःवैद्य, जो "कोऽरुक्" का सही उत्तर देता है।
Extra questions & answers (board-style)
अभ्यासात् जायते सिद्धिः
परियोजनाकार्यम्
Try one from this chapter
"कोऽरुक्" का क्या अर्थ है?
Flashcards & interactive practice
Practice quiz · कोऽरुक् ? कोऽरुक् ? कोऽरुक् ?
Score on this chapter, climb the leaderboard, and get an AI diagnosis of your mistakes.
Dual AI-verified questions Real exam pattern 1 free quiz every month, then ₹9 per quiz — or a monthly plan
#1
कोऽरुक् ? कोऽरुक् ? कोऽरुक् ?
Start here
Sanskrit 10 Qs · ~10 min
Instant score, answer review and weak-topic diagnosis