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CBSE Class 8 — Notes, Chapters & Practice Quizzes

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Hindi · 10 chapters
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Chapter 10: तरुण के स्वप्नClass 8 Hindi — summary, notes, extra questions & NCERT solutions

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"तरुण के स्वप्न" पाठ किसके उद्बोधन का अंश है?

The story in short

यह पाठ नेताजी सुभाषचंद्र बोस के उस प्रेरक उद्बोधन का अंश है जो उन्होंने 29 दिसंबर, 1929 को मेदिनीपुर जिला युवक-सम्मेलन में युवाओं को संबोधित करते हुए दिया था। नेताजी अपने राजनीतिक गुरु देशबंधु चित्तरंजन दास के स्वप्न के उत्तराधिकारी के रूप में अपना स्वप्न युवा पीढ़ी को सौंपते हैं। वे एक नए, सर्वांगीण स्वाधीन और संपन्न समाज तथा उस पर एक स्वाधीन राष्ट्र का सपना देखते हैं। उनके आदर्श समाज में व्यक्ति सब दृष्टियों से मुक्त हो और समाज के दबाव से न मरे; जातिभेद का कोई स्थान न हो; नारी पुरुष के समान अधिकार का उपभोग करे और राष्ट्र-सेवा में समान भागीदार बने; अर्थ की विषमता न हो; और प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा तथा उन्नति का समान अवसर मिले। उस समाज में श्रम और कर्म की पूरी मर्यादा होगी और आलसी तथा अकर्मण्य के लिए कोई स्थान नहीं रहेगा। नेताजी कहते हैं कि इस स्वप्न को सार्थक बनाने के लिए हर त्याग किया जा सकता है, हर संकट सहा जा सकता है और इसके लिए प्राण देना भी "मरण है स्वर्ग समान" है। अंत में वे यह स्वप्न अपने तरुण भाइयों को उपहारस्वरूप देते हैं और उन्हें स्वीकार करने को कहते हैं।

स्वाधीन-संपन्न राष्ट्र का स्वप्नसमानता और नारी-अधिकारश्रम एवं कर्म की मर्यादायुवाओं को आह्वान

Characters & key ideas

स्वाधीन-संपन्न समाजनेताजी का स्वप्न — एक ऐसा सर्वांगीण स्वाधीन और समृद्ध समाज जिस पर एक स्वतंत्र राष्ट्र स्थापित हो।
उत्तराधिकारीकिसी के स्वप्न या उद्देश्य को आगे बढ़ाने का दायित्व वहन करने वाला; युवा देशबंधु व नेताजी के स्वप्नों के उत्तराधिकारी हैं।
नारी-समानतानेताजी के आदर्श समाज में नारी मुक्त होकर पुरुष के समान अधिकार का उपभोग करे और राष्ट्र-सेवा में समान भागीदार बने।
श्रम की मर्यादासमाज में परिश्रम और कर्म का पूरा सम्मान, जहाँ आलसी और अकर्मण्य व्यक्ति के लिए कोई स्थान नहीं।
उद्बोधनकिसी समूह को जागरूक और प्रेरित करने के लिए दिया गया प्रेरक भाषण; यह पाठ ऐसा ही एक उद्बोधन है।
सुभाषचंद्र बोसमहान स्वतंत्रता सेनानी "नेताजी" (आजाद हिंद फौज के नायक), जिन्होंने "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा" का नारा दिया।

Extra questions & answers (board-style)

मेरी समझ से

मिलकर करें मिलान

पंक्तियों पर चर्चा

सोच-विचार के लिए

अनुमान और कल्पना से

शीर्षक

भाषा की बात

विपरीतार्थक शब्द और उनके प्रयोग

आपकी बात

मिलान कीजिए

सर्वांगीण स्वाधीन संपन्न समाज के लिए प्रयास

स्त्री सशक्तीकरण

आपके प्रिय स्वतंत्रता सेनानी

“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।”

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स्वाधीन-संपन्न समाज
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नेताजी का स्वप्न — एक ऐसा सर्वांगीण स्वाधीन और समृद्ध समाज जिस पर एक स्वतंत्र राष्ट्र स्थापित हो।
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Practice quiz · तरुण के स्वप्न

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#1

तरुण के स्वप्न

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