Class 8 › Hindi › मल्हार Chapter 9: आदमी का अनुपातClass 8 Hindi — summary, notes, extra questions & NCERT solutions Download revision card Share on WhatsAppTap a card to open it full-screen — swipe through like a story.
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"आदमी का अनुपात" कविता के रचयिता कौन हैं?
A सुभाषचंद्र बोस B दुष्यंत कुमार C महादेवी वर्मा D गिरिजा कुमार माथुर
The story in shortगिरिजा कुमार माथुर की यह विचारपूर्ण कविता मनुष्य की लघुता (छोटेपन) और ब्रह्मांड की विराटता के अनुपात को दर्शाती है तथा मानव के अहंकार पर तीखा व्यंग्य करती है। कवि छोटे से बड़े की ओर क्रमशः विस्तार दिखाते हैं — दो व्यक्ति कमरे में, कमरा घर में, घर मोहल्ले में, मोहल्ला नगर में, नगर प्रदेश में, प्रदेश देश में, देश पृथ्वी पर, पृथ्वी अनगिनत नक्षत्रों में एक छोटा ग्रह, और ऐसे लाखों ब्रह्मांडों में अपना एक ब्रह्मांड। इस विराट सृष्टि की तुलना में मनुष्य अत्यंत सूक्ष्म है। फिर भी मनुष्य इतना छोटा होते हुए भी ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास में लीन रहता है, संख्यातीत (असंख्य) शंख जैसी ऊँची दीवारें खड़ी कर लेता है, स्वयं को दूसरे का स्वामी बताता है और एक ही कमरे में दो अलग दुनिया रच लेता है। कवि बिना क्रोध दिखाए, करुणा और चिंता के साथ मनुष्य को उसकी सीमाओं और कमियों का बोध कराते हैं। कविता का संदेश है कि मनुष्य को अपने छोटेपन को समझकर अहंकार त्यागना चाहिए और विराट दृष्टिकोण, सहयोग, सहिष्णुता तथा समावेशिता अपनानी चाहिए। बहुत छोटी-छोटी पंक्तियाँ और अधिकांश पंक्तियों का "में" पर समाप्त होना इसकी शिल्पगत विशेषता है।
लघुता बनाम विराटता अहंकार पर व्यंग्य कृत्रिम दीवारें और भेद काव्य-शिल्प की छोटी पंक्तियाँ Characters & key ideasअ अनुपात दो वस्तुओं का सापेक्षिक संबंध; यहाँ मनुष्य की लघुता और ब्रह्मांड की विराटता का अनुपात दिखाया गया है।
व विराट और लघु ब्रह्मांड की विशालता (विराट) के सामने मनुष्य का अत्यंत सूक्ष्म होना (लघु) — कविता का केंद्रीय विरोधाभास।
स संख्यातीत शंख "शंख" अर्थात 10 की सत्रहवीं घात जैसी विशाल संख्या; मनुष्य द्वारा खड़ी की गई असंख्य कृत्रिम दीवारों का प्रतीक।
द दीवारें उठाना मनुष्य द्वारा ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ के कारण लोगों के बीच कृत्रिम भेद और अलगाव की दीवारें खड़ी करना।
व व्यंग्य मनुष्य के अहंकार पर तीखी किंतु करुणा-भरी आलोचना — कविता का प्रमुख स्वर।
ग गिरिजा कुमार माथुर प्रसिद्ध कवि (1919–1994), जिन्होंने "होंगे कामयाब" गीत का भावांतर भी रचा।
Extra questions & answers (board-style)Q1 कविता के अनुसार ब्रह्मांड में मानव का स्थान कैसा है? Answer Q2 कविता में मुख्यतः किन दो वस्तुओं का अनुपात दिखाया गया है? Answer Q3 कवि छोटे से बड़े की ओर विस्तार किस क्रम में दिखाते हैं? Answer Q4 कविता के अनुसार मानव किन भावों और कार्यों में लिप्त रहता है? Answer Q5 "संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है" का क्या आशय है? Answer Q6 कविता के अनुसार मानव का सबसे बड़ा दोष क्या है? Answer Q7 "एक कमरे में दो दुनिया रचाता है" से क्या व्यंग्य किया गया है? Answer Q8 कविता का स्वर क्रोध का है या कुछ और? Answer Q9 मनुष्य को विराटता पाने के लिए किन गुणों की आवश्यकता है? Answer Q10 कविता की प्रमुख शिल्पगत विशेषताएँ क्या हैं? Answer मेरी समझ सेQ1 (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) कविता के अनुसार ब्रह्मांड में मानव का स्थान कैसा है? • पृथ्वी पर सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण • ब्रह्मांड की तुलना में अत्यंत सूक्ष्म • सूर्य, चंद्र आदि सभी नक्षत्रों से बड़ा • समस्त प्रकृति पर शासन करने वाला Answer Q2 (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (2) कविता में मुख्य रूप से किन दो वस्तुओं के अनुपात को दिखाया गया है? • पृथ्वी और सूर्य • देश और नगर • घर और कमरा • मानव और ब्रह्मांड Answer Q3 (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (3) कविता के अनुसार मानव किन भावों और कार्यों में लिप्त रहता है? • त्याग, ज्ञान और प्रेम में • सेवा और परोपकार में • ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा में • उदारता, धर्म और न्याय में Answer Q4 (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (4) कविता के अनुसार मानव का सबसे बड़ा दोष क्या है? • वह अपनी सीमाओं और दुर्बलताओं को नहीं समझता। • वह दूसरों पर शासन स्थापित करना चाहता है। • वह प्रकृति के साथ तालमेल नहीं बिठा पाता है। • वह अपने छोटेपन को भूल अहंकारी हो जाता है। Answer Q5 (ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ विचार कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने? Answer पंक्तियों पर चर्चाQ1 (क) “अनगिन नक्षत्रों में / पृथ्वी एक छोटी / करोड़ों में एक ही।” Answer Q2 (ख) “संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है / अपने को दूजे का स्वामी बताता है।” Answer Q3 (ग) “देशों की कौन कहे / एक कमरे में / दो दुनिया रचाता है।” Answer मिलकर करें मिलानQ1 संख्यातीत शंख सी दीवारें Answer Q2 पृथ्वी एक छोटी, करोड़ों में एक Answer Q3 ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा Answer Q4 दो व्यक्ति कमरे में / कमरे से छोटे Answer Q6 एक कमरे में दो दुनिया रचाता Answer अनुपातQ1 इस कविता में ‘मानव’ और ‘ब्रह्मांड’ के उदाहरण द्वारा व्यक्ति के अल्पत्व और सृष्टि की विशालता के अनुपात को दिखाया गया है। अपने साथियों के साथ मिलकर विचार कीजिए कि मानव को ब्रह्मांड जैसा विस्तार पाने के लिए इनमें से किन-किन गुणों या मूल्यों की आवश्यकता होगी? आपने ये गुण क्यों चुने, यह भी साझा कीजिए। Answer सोच-विचार के लिएQ1 (क) कविता के अनुसार मानव किन कारणों से स्वयं को सीमाओं में बाँधता चला जाता है? Answer Q2 (ख) यदि आपको इस कविता की एक पंक्ति को दीवार पर लिखना हो, जो आपको प्रतिदिन प्रेरित करे तो आप कौन-सी पंक्ति चुनेंगे और क्यों? Answer Q3 (ग) कवि ने मानव की सीमाओं और कमियों की ओर ध्यान दिलाया है, लेकिन कहीं भी क्रोध नहीं दिखाया। आपको इस कविता का भाव कैसा लगा— व्यंग्य, करुणा, चिंता या कुछ और? क्यों? Answer Q4 (घ) आपके अनुसार ‘दीवारें उठाना’ केवल ईंट-पत्थर से जुड़ा काम है या कुछ और भी हो सकता है? अपने विचारानुसार समझाइए। Answer Q5 (ङ) मानवता के विकास में सहयोग, समर्पण और सहिष्णुता जैसी सकारात्मक प्रवृत्तियाँ ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ और घृणा जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों से कहीं अधिक प्रभावी हैं। उदाहरण देकर बताइए कि सहिष्णुता या सहयोग के कारण समाज में कैसे परिवर्तन आए हैं? Answer अनुमान और कल्पनाQ1 (क) मान लीजिए कि आप एक दिन के लिए पूरे ब्रह्मांड को नियंत्रित कर सकते हैं। अब आप मानव की कौन-कौन सी आदतों को बदलना चाहेंगे? क्यों? Answer Q2 (ख) यदि आप अंतरिक्ष यात्री बन जाएँ और ब्रह्मांड के किसी दूसरे भाग में जाएँ तो आप किस स्थान (कमरा, घर, नगर आदि) को सबसे अधिक याद करेंगे और क्यों? Answer Q3 (ग) मान लीजिए कि एक बच्चा या बच्ची कविता में उल्लिखित सभी सीमाओं को पार कर सकता या सकती है— वह कहाँ तक जाएगा या जाएगी और क्या देखेगा या देखेगी? एक कल्पनात्मक यात्रा-वृत्तांत लिखिए। Answer Q4 (घ) इस कविता को पढ़ने के बाद, आप स्वयं को ब्रह्मांड के अनुपात में कैसा अनुभव करते हैं? एक अनुच्छेद लिखिए— “मैं ब्रह्मांड में एक… हूँ।” Answer Q5 (ङ) मान लीजिए कि किसी दूसरे संसार से आपके पास संदेश आया है कि उसे पृथ्वी के किसी व्यक्ति की आवश्यकता है। आप किसे भेजना चाहेंगे और क्यों? Answer Q6 (च) कविता में “ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ” जैसी प्रवृत्तियों की चर्चा की गई है। कल्पना कीजिए कि एक दिन के लिए ये भाव सभी व्यक्तियों में समाप्त हो जाएँ तो उससे समाज में क्या-क्या परिवर्तन होगा? Answer Q7 (छ) यदि आपको इस कविता का एक पोस्टर बनाना हो जिसमें इसके मूल भाव— ‘विराटता और लघुता’ तथा ‘मनुष्य का भ्रम’— दर्शाया जाए तो आप क्या चित्र, प्रतीक और शब्द उपयोग करेंगे? संक्षेप में बताइए। Answer शब्द से जुड़े शब्दQ1 नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘सृष्टि’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए — पृथ्वी, सृष्टि Answer सृजनQ1 (क) कविता में कमरे से लेकर ब्रह्मांड तक का विस्तार दिखाया गया है। इस क्रम को अपनी तरह से एक रेखाचित्र, सीढ़ी या ‘मानसिक-चित्रण’ (माइंड-मैप) द्वारा प्रदर्शित कीजिए। प्रत्येक स्तर पर कुछ विशेषताएँ लिखिए, जैसे— पास-पड़ोस की एक विशेष बात, नगर का कोई स्थान, देश की विविधता आदि। उसके नीचे एक पंक्ति में इस प्रश्न का उत्तर लिखिए— “मैं इस चित्र में कहाँ हूँ और क्यों?” Answer Q2 (ख) अगर इसी कविता की तरह कोई कहानी लिखनी हो जिसका नाम हो ‘ब्रह्मांड में मानव’ तो उसको आरंभ कैसे करेंगे? कुछ वाक्य लिखिए। Answer Q3 (ग) ‘एक कमरे में दो दुनिया रचाता है’ पंक्ति को ध्यान से पढ़िए। अगर आपसे कहा जाए कि आप एक ऐसी दुनिया बनाइए जिसमें कोई दीवार न हो तो वह कैसी होगी? उसका वर्णन कीजिए। Answer Q4 (घ) एक चित्र श्रृंखला बनाइए जिसमें ये क्रम दिखे— आदमी → कमरा → घर → पड़ोसी क्षेत्र → नगर → देश → पृथ्वी → ब्रह्मांड प्रत्येक चित्र में आकार का अनुपात दिखाया जाए जिससे यह स्पष्ट हो कि आदमी कितना छोटा है। Answer कविता की रचनाQ1 (क) अपने समूह के साथ मिलकर कविता की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए। Answer Q2 (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए— 1. सरल वाक्य के शब्दों को विशेष क्रम में लगाया गया है। Answer Q3 (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए— 2. मुहावरे का प्रयोग किया गया है। Answer Q4 (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए— 3. छोटे से बड़े की ओर विस्तार देने के लिए शब्दों को दोहराया गया है। Answer Q5 (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए— 4. प्रश्न शैली में व्यंग्य किया गया है। Answer Q6 (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए— 5. अतिशयोक्ति से भरा कथन है (बढ़ा-चढ़ाकर कहना)। Answer Q7 (ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए— 6. मानव के अहंकार पर तीखा व्यंग्य किया गया है। Answer कविता का सौंदर्यQ1 (क) कविता में अलग-अलग प्रकार से ब्रह्मांड की विशालता को व्यक्त किया गया है। उनकी पहचान कीजिए। Answer Q2 (ख) “संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है” “अपने को दूजे का स्वामी बताता है” “एक कमरे में दो दुनिया रचाता है” कविता में ये सारी क्रियाएँ मनुष्य के लिए आई हैं। आप अपने अनुसार कविता में नई क्रियाओं का प्रयोग करके कविता की रचना कीजिए। Answer आपके शब्दQ1 “सबको समेटे है परिधि नभ गंगा की” आपने ‘आकाशगंगा’ शब्द सुना और पढ़ा होगा। लेकिन कविता में ‘नभ गंगा’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। आप भी अपने समूह में मिलकर इसी प्रकार दो शब्दों को मिलाकर नए शब्द बनाइए। Answer आपके प्रश्नQ1 “हर ब्रह्मांड में कितनी ही पृथ्वियाँ कितनी ही भूमियाँ कितनी ही सृष्टियाँ” क्या आपके मस्तिष्क में कभी इस प्रकार के प्रश्न आते हैं? अवश्य आते होंगे। अपने समूह के साथ मिलकर अपने मन में आने वाले प्रश्नों की सूची बनाइए। अपने शिक्षक, इंटरनेट और पुस्तकालय की सहायता से इन प्रश्नों के उत्तर ढूँढ़ने का प्रयास कीजिए। Answer विशेषण और विशेष्यQ1 1. दो व्यक्ति कमरे में Answer Q2 2. अनगिन नक्षत्रों में Answer Q3 3. लाखों ब्रह्मांडों में Answer Q4 4. अपना एक ब्रह्मांड Answer Q5 5. संख्यातीत शंख सी Answer Q7 7. दो दुनिया रचाता है Answer आपकी बातQ1 (क) कोई ऐसी स्थिति बताइए जहाँ ‘अनुपात’ बिगड़ गया हो— जैसे काम का बोझ अधिक और समय कम। Answer Q2 (ख) आप अपने परिवार, विद्यालय या मोहल्ले में ‘विराटता’ (विशाल दृष्टिकोण) कैसे ला सकते हैं? कुछ उपाय सोचकर लिखिए। (संकेत— किसी को अनदेखा न करना, सबकी सहायता करना आदि) Answer Q3 (ग) ‘करोड़ों में एक ही पृथ्वी’— इस पंक्ति को पढ़कर आपके मन में क्या भाव आता है? आप इस अनोखी पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए क्या-क्या करेंगे? Answer Q4 (घ) कविता हमें ‘अपने को दूजे का स्वामी बताने’ के प्रति सचेत करती है। आप अपने किन-किन गुणों को प्रबल करेंगे ताकि आपमें ऐसा भाव न आए? Answer Q5 (ङ) अपने जीवन में ऐसी तीन ‘दीवारों’ के विषय में सोचिए जो आपने स्वयं खड़ी की हैं (जैसे— डर, संकोच आदि)। फिर एक योजना बनाइए कि आप उन्हें कैसे तोड़ेंगे? क्या समाज में भी ऐसी दीवारें होती हैं? उन्हें गिराने में हम कैसे सहायता कर सकते हैं? Answer संख्यातीत शंखQ1 1. जिस संख्या में 15 शून्य होते हैं, उसे क्या कहते हैं? Answer Q2 2. महाशंख में कितने शून्य होते हैं? Answer Q3 3. एक लाख में कितने हजार होते हैं? Answer Q4 4. उपर्युक्त तालिका के अनुसार सबसे छोटी और सबसे बड़ी संख्या कौन-सी है? Answer Q5 5. दस करोड़ और एक अरब को जोड़ने पर कौन-सी संख्या आएगी? Answer Explore interactivelyKey-term flashcards
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दो वस्तुओं का सापेक्षिक संबंध; यहाँ मनुष्य की लघुता और ब्रह्मांड की विराटता का अनुपात दिखाया गया है।
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