एषः कः? एषा का? एतत् किम्?
Class 6 Sanskrit · दीपकम् · Chapter 3
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The story in short
यह पाठ संस्कृत के तीन लिङ्ग (पुंलिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग, नपुंसकलिङ्ग) तथा तीन वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) का परिचय कराता है। चित्रों के माध्यम से बालकः-बालकौ-बालकाः (पुंलिङ्ग), बालिका-बालिके-बालिकाः (स्त्रीलिङ्ग), तथा फलम्-फले-फलानि (नपुंसकलिङ्ग) जैसे रूप सिखाए जाते हैं। पाठ "सः-तौ-ते", "सा-ते-ताः", "तत्-ते-तानि" (तद्-शब्द) तथा "एषः-एतौ-एते" आदि (एतद्-शब्द) सर्वनामों के प्रथमा-विभक्ति रूप, और "कः-कौ-के", "का-के-काः", "किम्-के-कानि" (किम्-शब्द) प्रश्नवाचक रूप प्रस्तुत करता है। प्रश्न-उत्तर शैली में "सः कः? सः शिक्षकः", "एषा का? एषा बालिका" जैसे संवाद हैं। क्रियापदों के एकवचन-द्विवचन-बहुवचन रूप (पठति-पठतः-पठन्ति) भी सिखाए जाते हैं। योग्यता-विस्तार में अकारान्त, आकारान्त तथा ईकारान्त शब्दों का परिचय है — जिसके अन्त में "अ" हो वह अकारान्त (प्रायः पुंलिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग), "आ" हो वह आकारान्त (प्रायः स्त्रीलिङ्ग), तथा "ई" हो वह ईकारान्त (प्रायः स्त्रीलिङ्ग) शब्द होता है।


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