प्रणम्यो देशभक्तोऽयं गोपबन्धुर्महामनाः — Class 8 Sanskrit
दीपकम् · Chapter 4
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Chapter summary
यह पाठ ओडिशा के महान समाजसेवक, स्वतन्त्रता-सेनानी और "उत्कलमणि" गोपबन्धु दास के जीवन और देशभक्ति पर आधारित है। पाठ का आरम्भ एक कक्षा-संवाद से होता है जहाँ शिक्षक और छात्र ओडिशा के केन्द्रापड़ा जनपद में आई भयंकर बाढ़ की चर्चा करते हैं और बाढ़-पीड़ितों की सहायता पर विचार करते हैं। शिक्षक उन्हें गोपबन्धु का आदर्श बताते हैं। गोपबन्धु अत्यन्त दयालु थे — एक भूखे बालक की पुकार सुनकर उन्होंने अपना परोसा हुआ भोजन उसे दे दिया। वे सत्यवादी-वनविद्यालय के अध्यापक थे और निर्धन-रोगियों की सेवा करते थे। महात्मा गांधी की प्रेरणा से उन्होंने स्वतन्त्रता-आन्दोलन में भाग लिया और दो वर्ष कारावास भोगा; कारागार में रहते हुए अनेक प्रेरक पुस्तकें लिखीं। मरणासन्न अपने पुत्र को छोड़कर भी वे बाढ़-पीड़ितों की सेवा में लग गए। उनके त्याग को देखकर वैज्ञानिक आचार्य प्रफुल्लचन्द्र राय ने उन्हें "उत्कलमणि" की उपाधि दी। पाठ देशभक्ति, त्याग और निःस्वार्थ सेवा की प्रेरणा देता है।
गोपबन्धु दास का जीवनउत्कलमणि उपाधिबाढ़-पीड़ितों की सेवास्वतन्त्रता-संग्रामत्याग और देशभक्तिसत्यवादी-वनविद्यालय
Key ideas & terms
- उत्कलमणिः
- "ओडिशा का रत्न" — गोपबन्धु को दी गई उपाधि।
- जलप्लावः
- बाढ़, जल का अत्यधिक प्रवाह।
- स्वतन्त्रता-सङ्ग्रामी
- स्वतन्त्रता-सेनानी।
- कारावासः
- कारागार में बन्दी होकर रहना।
- समाजसेवकः
- समाज की सेवा करने वाला।
- महामनाः
- उच्च विचारों वाला, उदार-हृदय।
Extra questions & answers
गोपबन्धु को कौन-सी उपाधि से सम्मानित किया गया?
"उत्कलमणि" (ओडिशा का रत्न) की उपाधि से।
गोपबन्धु को यह उपाधि किसने दी?
वैज्ञानिक आचार्य प्रफुल्लचन्द्र राय ने।
गोपबन्धु अश्रुपूर्णनयन (आँसुओं से भरी आँखों वाले) क्यों हो गए?
एक भूखे बालक की करुण पुकार सुनकर, जिसने तीन दिन से कुछ नहीं खाया था।
गोपबन्धु ने अपना भोजन किसे दिया?
उस भूखे भिक्षुक (बालक) को।
गोपबन्धु किस विद्यालय के अध्यापक थे?
सत्यवादी-वनविद्यालय के।
गोपबन्धु ने किसकी प्रेरणा से स्वतन्त्रता-आन्दोलन में भाग लिया?
महात्मा गांधी की प्रेरणा से।
गोपबन्धु ने कितने वर्ष कारावास भोगा?
दो वर्ष।
"समाज" दिनपत्रिका के संस्थापक कौन थे?
गोपबन्धु दास।
गोपबन्धु ने अपने किस पुत्र को छोड़कर समाजसेवा की?
मरणासन्न (मृत्यु के निकट) पुत्र को छोड़कर वे बाढ़-पीड़ितों की सेवा में लग गए।
गोपबन्धु के जीवन से कौन-सी प्रेरणा मिलती है?
देशभक्ति, त्याग, करुणा और निःस्वार्थ समाजसेवा की प्रेरणा।


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