माँ, कह एक कहानी — Class 7 Hindi
मल्हार · Chapter 1
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Chapter summary
The story in steps
- राहुल लेटे-लेटे माँ से बार-बार एक कहानी सुनाने की हठ करता है।
- माँ बताती है कि उसके तात सुबह उपवन में घूमते हैं, जहाँ प्रकृति बहुत सुंदर लगती है।
- अचानक एक हंस तीर से घायल होकर गिरता है और राहुल के तात उसे उठा लेते हैं।
- आखेटक घायल पक्षी को माँगता है, पर तात उसकी रक्षा करते हैं, इसलिए विवाद बढ़ता है।
- विवाद न्यायालय तक पहुँचता है और माँ राहुल से पूछती है कि न्याय किसका पक्ष लेता है।
- राहुल कहता है कि निर्दोष को बचाना चाहिए, इसलिए न्याय दया और रक्षक का साथ देता है।
Key ideas & terms
- यशोधरा
- सिद्धार्थ (गौतम बुद्ध) की पत्नी और राहुल की माँ, जो इस कविता में अपने पुत्र को कहानी सुनाती हैं।
- राहुल
- सिद्धार्थ और यशोधरा का पुत्र, जो हठ करके कहानी सुनता है और अंत में स्वयं न्याय करता है।
- आखेटक
- शिकारी; जिसने हंस पर तीर चलाकर उसे घायल किया और उस पर अपना अधिकार जताया।
- संवादात्मक शैली
- वह काव्य-शैली जिसमें कविता दो पात्रों (यहाँ माँ-बेटे) की बातचीत के रूप में रची जाती है।
- पुनरावृत्ति
- "राजा था या रानी?", "माँ, कह एक कहानी" जैसी पंक्तियों का बार-बार दोहराया जाना, जिससे लय और सौंदर्य बढ़ता है।
- न्याय दया का दानी
- कविता का केंद्रीय संदेश — सच्चा न्याय वही है जिसमें दया सम्मिलित हो और जो रक्षक का पक्ष ले।
शब्दार्थ · Word meanings
- चेटी
- दासी, सेविका
- मानधन
- बहुत प्रिय धन
- उपवन
- बगीचा
- सरसि
- तालाब
- हिम-बिंदु
- ओस की बूँद
- खग
- पक्षी
- खर-शर
- तेज़ नुकीला तीर
- आखेटक
- शिकार करने वाला
- लक्ष्य-सिद्धि
- निशाना सफल होना
- सदय-निर्दय
- दयालु और निष्ठुर
- उभय
- दोनों
- भक्षक
- मारकर खाने वाला
Extra questions & answers
माँ अपने बेटे को करुणा और न्याय की कहानी क्यों सुनाती है?
ताकि बालक में सही और गलत की समझ विकसित हो और वह स्वयं विवेक से निर्णय लेना सीखे।
कविता में घायल पक्षी की कहानी का उपयोग किसलिए किया गया है?
निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने तथा करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को उजागर करने के लिए।
हंस के घायल होने पर सिद्धार्थ ने क्या किया?
उन्होंने घायल हंस को उठाकर उसकी रक्षा की, मानो उसे नया जीवन दिया हो।
आखेटक और बच्चे के पिता के बीच विवाद क्यों हुआ?
आखेटक हंस को अपना शिकार मानकर माँग रहा था, जबकि सिद्धार्थ रक्षक के रूप में उसकी रक्षा कर रहे थे; इसी अधिकार पर विवाद हुआ।
माँ ने पुत्र से "राहुल, तू निर्णय कर इसका" क्यों कहा?
ताकि राहुल स्वयं सोच-विचार करके निडरता से न्यायसंगत निर्णय लेना सीखे।
राहुल ने अंत में क्या निर्णय दिया?
कि जो किसी निरपराध को मारे, उसके स्थान पर बचाने वाले का पक्ष ही उचित है — रक्षक के ऊपर भक्षक को महत्व देना अन्यायपूर्ण है।
"कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे" का क्या आशय है?
यदि कोई किसी निर्दोष को मार रहा है तो दूसरे को उसकी रक्षा अवश्य करनी चाहिए; यही करुणा और न्याय का तकाज़ा है।
इस कविता की प्रमुख काव्य-विशेषताएँ क्या हैं?
संवादात्मक शैली, प्रकृति का सुंदर वर्णन, पंक्तियों की पुनरावृत्ति, तुकांत तथा विराम चिह्नों का सटीक प्रयोग।
कविता में प्रकृति का वर्णन किस प्रकार किया गया है?
रंग-बिरंगे फूलों, झिलमिलाती ओस की बूँदों, मंद हवा के झोंकों, लहराते पानी और मधुर स्वर में गाते पक्षियों के माध्यम से उपवन का मनोरम चित्र खींचा गया है।
कविता हमें क्या संदेश देती है?
कि निर्णय लेते समय निडर रहना चाहिए और न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए; रक्षक का पक्ष लेना ही सच्चा न्याय है।
मेरी समझ से
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (1) माँ अपने बेटे को करुणा और न्याय की कहानी क्यों सुनाती है? • राजाओं की कहानियों से उसका मनोरंजन करने के लिए। • उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए। • उसे परिवार की विरासत और पूर्वजों के बारे में बताने के लिए। • उसे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानकारी देने के लिए।
माँ अपने बेटे को करुणा और न्याय की कहानी मुख्य रूप से उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए और उसे परिवार की विरासत और पूर्वजों (पिता सिद्धार्थ) के बारे में बताने के लिए सुनाती है। कहानी मनोरंजन के साथ-साथ जीवन-मूल्य सिखाने के लिए है, केवल प्रकृति-जानकारी के लिए नहीं।
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (2) कविता में घायल पक्षी की कहानी का उपयोग किस लिए किया गया है? • निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने के लिए। • पिता की वीरता और साहस पर ध्यान दिलाने के लिए। • करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए। • मित्रता और निष्ठा के महत्त्व को उजागर करने के लिए।
घायल पक्षी की कहानी का उपयोग निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने और करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए किया गया है। इससे पिता सिद्धार्थ की दया और रक्षक-भावना भी सामने आती है, जो करुणा बनाम हिंसा का मुख्य विचार है।
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं। (3) कविता के अंत तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे को क्या समझ में आने लगता है? • न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए। • निर्णय लेते समय सदैव निडर रहना चाहिए। • आखेटकों का सदैव विरोध करना चाहिए। • जानवरों की हर स्थिति में रक्षा करनी चाहिए।
अंत तक बच्चे को यह समझ आने लगता है कि न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए और निर्णय लेते समय निडर रहना चाहिए। वह कहता है - कोई निरपराध को मारे तो अन्य को उसे बचाना चाहिए और रक्षक का पक्ष ही न्याय का पक्ष है।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
हमने चर्चा करके ये उत्तर इसलिए चुने क्योंकि कहानी का मुख्य उद्देश्य उपदेश देना और नैतिक विवेक जगाना है। माँ ने जानबूझकर ऐसी कहानी चुनी जिसमें दया और न्याय का प्रश्न उठे, ताकि राहुल स्वयं सोचे और सही-गलत में फर्क करना सीखे। इसलिए केवल मनोरंजन वाला विकल्प सही नहीं लगा।
मिलकर करें मिलान
1. बेटा
3. सिद्धार्थ और यशोधरा के पुत्र राहुल
2. माँ
1. यशोधरा, एक राजकुमारी, सिद्धार्थ की पत्नी
3. तात (पिता)
2. सिद्धार्थ, एक राजकुमार जो बाद में गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए
पंक्तियों पर चर्चा
(क) “कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!”
इस पंक्ति का अर्थ है कि यदि कोई बिना दोष वाले जीव को मार रहा हो तो दूसरे व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह उसे बचाए। न्याय वही है जो मारने वाले को नहीं बल्कि बचाने वाले को प्राथमिकता दे। न्याय में दया का होना जरूरी है। राहुल यह कहकर दयापूर्ण न्याय का समर्थन करता है।
(ख) “हुआ विवाद सदय-निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी।”
इसका अर्थ है कि दयालु सिद्धार्थ और निर्दयी आखेटक के बीच झगड़ा हुआ। दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े थे - एक कहता था पक्षी मेरा है क्योंकि मैंने बचाया, दूसरा कहता था मेरा है क्योंकि मैंने शिकार किया। इसलिए मामला न्यायालय में गया और यह घटना सबने सुनी।
सोच-विचार के लिए
(क) आपके विचार से इस कविता में कौन-सी पंक्ति सबसे महत्त्वपूर्ण है? आप उसे ही सबसे महत्त्वपूर्ण क्यों मानते हैं?
मेरे विचार से सबसे महत्त्वपूर्ण पंक्ति है - 'रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!' क्योंकि यही कविता का मुख्य संदेश है। यह बताती है कि सच्चा न्याय दया के बिना अधूरा है और समाज को हमेशा रक्षक का साथ देना चाहिए।
(ख) आखेटक और बच्चे के पिता के बीच तर्क-वितर्क क्यों हुआ था?
आखेटक और सिद्धार्थ के बीच तर्क घायल हंस को लेकर हुआ था। आखेटक का तर्क था कि तीर उसने चलाया इसलिए हंस पर उसका अधिकार है। सिद्धार्थ का तर्क था कि उसने घायल हंस को उठाकर उसकी जान बचाई इसलिए वे उसके रक्षक हैं और रक्षक का अधिकार भक्षक से बड़ा होता है।
(ग) माँ ने पुत्र से “राहुल, तू निर्णय कर इसका” क्यों कहा?
माँ ने राहुल से निर्णय करने को इसलिए कहा ताकि वह स्वयं सोच-समझकर न्याय और दया के बीच संबंध समझे। माँ चाहती थी कि वह केवल कहानी सुने नहीं, बल्कि नैतिक निर्णय लेना सीखे और निडर होकर सत्य का पक्ष ले।
(घ) यदि कहानी में आप उपवन में होते तो घायल हंस की सहायता के लिए क्या करते? आपके अनुसार न्याय कैसे किया जा सकता था?
यदि मैं उपवन में होता तो मैं भी सिद्धार्थ की तरह घायल हंस को तुरंत उठाकर उसकी चोट पर पट्टी बाँधता, उसे पानी पिलाता और सुरक्षित स्थान पर रखता। मेरे अनुसार न्याय यही होता कि हंस को उसके बचाने वाले के पास रहने दिया जाए, क्योंकि मारने वाले से बचाने वाले का अधिकार बड़ा होता है।
(ङ) कविता में माँ और बेटे के बीच बातचीत से उनके बारे में क्या-क्या पता चलता है? (संकेत — कविता पढ़कर आपके मन में माँ-बेटे के बारे में जो चित्र बनता है, जो भाव आते हैं या जो बातें पता चलती हैं, उन्हें भी लिख सकते हैं।)
माँ यशोधरा ज्ञानी, धैर्यवान और चतुर शिक्षिका है जो कहानी के माध्यम से बेटे को जीवन-मूल्य सिखाती है। बेटा राहुल जिज्ञासु, हठी पर समझदार है, जो बार-बार वही कहानी सुनना चाहता है और अंत में स्वयं न्याय का सही अर्थ समझ जाता है। दोनों में प्रेम और संवाद-भरा संबंध दिखता है।
अनुमान और कल्पना से
(क) माँ ने अपने बेटे को कहानी सुनाते समय अंत में कहानी को स्वयं पूरा नहीं किया, बल्कि उसी से निर्णय करने के लिए कहा। यदि आप किसी को यह कहानी सुना रहे होते तो कहानी को आगे कैसे बढ़ाते?
मैं कहानी को आगे इस तरह बढ़ाता कि न्यायालय यह निर्णय देता कि हंस सिद्धार्थ के पास ही रहेगा क्योंकि दया ही सच्चा धर्म है। आखेटक को समझाया जाता कि जीव-हत्या गलत है और उसे भी करुणा का मार्ग अपनाना चाहिए। फिर हंस ठीक होकर आकाश में उड़ जाता और सब खुश होते।
(ख) मान लीजिए कि कहानी में हंस और तीर चलाने वाले के बीच बातचीत हो रही है। कल्पना से बताइए कि जब उसने हंस को तीर से घायल किया तो उसमें और हंस में क्या-क्या बातचीत हुई होगी? उन्होंने एक-दूसरे को क्या-क्या तर्क दिए होंगे?
हंस कहता - मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था, मैं आकाश में शांति से उड़ रहा था, तुमने मुझे क्यों घायल किया? आखेटक कहता - मैं शिकारी हूँ, शिकार करना मेरा काम है। हंस उत्तर देता - जीवन सबका प्यारा होता है, तुम्हें जीने का अधिकार है तो मुझे भी। हिंसा से बड़ा धर्म दया है। आखेटक निरुत्तर हो जाता।
(ग) मान लीजिए कि माँ ने जो कहानी सुनाई है, आप भी उसके एक पात्र हैं। आप कौन-सा पात्र बनना चाहेंगे? और क्यों? • तीर चलाने वाला • पक्षी • पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति • न्यायाधीश • कोई अन्य पात्र जो आप कहानी में जोड़ना चाहें
मैं पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति यानी सिद्धार्थ बनना चाहूँगा क्योंकि उसने दया, करुणा और साहस दिखाया। निर्दोष की रक्षा करना सबसे बड़ा गुण है और इससे समाज में न्याय और प्रेम बढ़ता है। न्यायाधीश बनना भी अच्छा है पर रक्षक बनकर सीधे मदद करना अधिक प्रेरणादायक है।
संवाद
इस कविता में एक माँ और उसके पुत्र का संवाद दिया गया है लेकिन कौन-सा कथन किसने कहा है, यह नहीं बताया गया है। आप कविता में दिए गए संवादों को पहचानिए कि कौन-सा कथन किसने कहा है और उसे दिए गए उचित स्थान पर लिखिए। उदाहरण के लिए, माँ और पुत्र का एक-एक कथन दिया गया है।
पुत्र द्वारा कहे गए कथन: 'माँ, कह एक कहानी।', 'कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी! कह माँ, कह, लेटी ही लेटी, राजा था या रानी?', 'जहाँ सुरभि मनमानी? हाँ, माँ, यही कहानी।', 'लहराता था पानी? हाँ, हाँ, यही कहानी।', 'हुई पक्ष की हानी? करुणा-भरी कहानी!', 'लक्ष्य-सिद्ध का मानी? कोमल-कठिन कहानी।', 'हठ करने की ठानी? अब बढ़ चली कहानी।', 'सुनी सभी ने जानी? व्यापक हुई कहानी।', 'माँ, मेरी क्या बानी? मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!' माँ द्वारा कहे गए कथन: 'बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी?', 'तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ, सुरभि मनमानी।', 'वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी।', 'गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानी!', 'चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया। इतने में आखेटक आया, लक्ष्य-सिद्ध का मानी।', 'माँगा उसने आहत पक्षी, तेरे तात कित थे रक्षी। तब उसने, जो था खगभक्षी– हठ करने की ठानी।', 'हुआ विवाद सदय-निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी।', 'राहुल, तू निर्णय कर इसका– न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका। सुन लूँ तेरी बानी।', 'न्याय दया का दानी? तूने गुनी कहानी।'
शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में प्रकृति से जुड़े शब्द कविता में से चुनकर लिखिए—
प्रकृति से जुड़े शब्द: उपवन, वर्ण-वर्ण के फूल, हिम-बिंदु, हलके झोंके, पानी, खग, हंस, सुरभि, सरोवर जैसा लहराता पानी। इन शब्दों से कविता में सुंदर प्राकृतिक वातावरण बनाया गया है।
पंक्ति से पंक्ति
1. कहती है मुझसे यह चेटी
7. यह सेविका मुझसे यह कहती है।
2. तू है हठी मानधन मेरे
9. हे मेरे पुत्र, तू बहुत हठ करता है।
3. झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे
5. हिम-कण/ओस की बूँदें झिलमिला रही थीं।
4. गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से
8. तेज धार वाले तीर से घायल होकर गिर गया।
5. हुआ विवाद सदय-निर्दय में
3. दयालु और निर्दयी व्यक्ति में झगड़ा हुआ।
6. कह दे निर्भय, जय हो जिसका।
2. तू बिना डरे कह दे कि जीत किसकी होनी चाहिए।
7. तूने गुनी कहानी।
6. तूने कहानी को समझ लिया है।
8. उभय आग्रही थे स्वविषय में
1. दोनों ही अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे।
9. तब उसने, जो था खगभक्षी– हठ करने की ठानी।
10. तब उस तीर चलाने वाले ने हठ करने का निश्चय कर लिया।
10. रक्षक पर भक्षक को वारे न्याय दया का दानी!
4. न्याय में दया सम्मिलित होती है, न्याय मारने वाले के स्थान पर बचाने वाले का पक्ष लेता है।
कविता की रचना
(क) इस कविता को एक बार पुनः पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
इस कविता की विशेषताएँ: संवादात्मक शैली, वर्णनात्मक शैली, तुकबंदी और लय, प्रश्न-उत्तर रूप, प्रकृति-वर्णन, पुनरुक्ति (एक ही पंक्ति का दोहराव), विपरीत शब्दों का प्रयोग, मधुर और सरल भाषा।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। 1. संवाद दिए गए हैं।
3. बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी? कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी! - पूरी कविता ही माँ-बेटे के संवाद में है।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। 2. पंक्ति के अंतिम शब्द की ध्वनि आपस में मिलती-जुलती है।
2. हुई पक्ष की हानी। और 6. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी। - 'झिले थे, मिले थे' और 'हानी-कहानी' में तुक मिलती है।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। 3. कुछ शब्द दो बार और साथ-साथ आए हैं।
6. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे और 'राजा था या रानी? राजा था या रानी?' - वर्ण वर्ण और राजा-रानी की पुनरावृत्ति।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। 4. कुछ विपरीतार्थक शब्द साथ-साथ आए हैं।
1. हुआ विवाद सदय-निर्दय में और 5. कोमल-कठिन कहानी। - सदय-निर्दय और कोमल-कठिन विपरीतार्थक युग्म हैं।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। 5. प्रकृति का वर्णन किया गया है।
6. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी। - इसमें फूल, ओस, हवा, पानी का सुंदर प्रकृति-वर्णन है।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। 6. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले एक से अधिक शब्द एक ही पंक्ति में आए हैं।
6. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे - 'झलमल', 'हिले-मिले' में अनुप्रास अलंकार है।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। 7. प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं।
3. बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी? - पूरी कविता प्रश्न-उत्तर शैली में चलती है जैसे 'राजा था या रानी?'
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। 8. शब्द की वर्तनी बदलकर उपयोग किया गया है।
4. तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे - 'सुन' शब्द 'सुनो' का रूप-परिवर्तन है, और 'बिह' जैसे शब्दों का प्रयोग।
रूप बदलकर
“सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे,” कविता की इन पंक्तियों को निम्न प्रकार से बदलकर लिखा जा सकता है— “सुनो! आपके पिता एक उपवन में बहुत सवेरे भ्रमण किया करते थे...” अब आप भी पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए।
उदाहरण: 'गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानी!' इसका अनुच्छेद रूप - पक्षी मधुर आवाज में गा रहे थे। अचानक आकाश से एक हंस तेज तीर लगने से घायल होकर नीचे गिर पड़ा और उसके पंख को हानि पहुँची।
कविता में विराम चिह्न
(क) नीचे कविता का एक अंश बिना विराम चिह्नों के दिया गया है। इसमें उपयुक्त स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए— राहुल तू निर्णय कर इसका– न्याय पक्ष लेता है किसका कह दे निर्भय जय हो जिसका सुन लूँ तेरी बानी माँ मेरी क्या बानी मैं सुन रहा कहानी कोई निरपराध को मारे तो क्यों अन्य उसे न उबारे रक्षक पर भक्षक को वारे न्याय दया का दानी न्याय दया का दानी तूने गुनी कहानी
“राहुल, तू निर्णय कर इसका– न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका! सुन लूँ तेरी बानी।” “माँ, मेरी क्या बानी? मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी! न्याय दया का दानी? तूने गुनी कहानी।”
(ख) अब विराम चिह्नों का ध्यान रखते हुए कविता को अपने समूह में सुनाइए।
मैं विराम चिह्नों का ध्यान रखते हुए कविता को सही लय, उतार-चढ़ाव, प्रश्नवाचक और विस्मयादिबोधक भाव के साथ समूह में सुनाऊँगा, जहाँ अल्पविराम पर थोड़ा रुकूँगा और पूर्णविराम पर पूरा वाक्य समाप्त करूँगा।
आपकी बात
(क) “सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे,” आप या आपके परिजन भ्रमण के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं? और क्यों?
हम सुबह-सुबह पार्क, बगीचे या नदी किनारे भ्रमण के लिए जाते हैं। भ्रमण से शरीर स्वस्थ रहता है, ताजी हवा मिलती है और मन प्रसन्न होता है। सिद्धार्थ की तरह प्रकृति के बीच घूमना मन को शांति देता है।
(ख) इस पाठ में एक माँ अपने पुत्र को कहानी सुना रही है। आप किस-किस से कहानी सुनते हैं या थे? आप किसको और कौन-सी कहानी सुनाते हैं?
मैं अपनी दादी, माँ और शिक्षकों से कहानियाँ सुनता हूँ। बचपन में नानी से परियों और पंचतंत्र की कहानियाँ सुनीं। मैं अपने छोटे भाई-बहन को अकबर-बीरबल और नैतिक कहानियाँ सुनाता हूँ ताकि वे भी अच्छे संस्कार सीखें।
(ग) माँ ने कहानी सुनाने के बीच में एक प्रश्न पूछ लिया था। क्या कहानी सुनाने के बीच में प्रश्न पूछना सही है? क्यों?
हाँ, बीच में प्रश्न पूछना सही है क्योंकि इससे सुनने वाला सक्रिय रूप से सोचता है और कहानी को केवल सुनता नहीं बल्कि समझता भी है। इससे उसकी सोचने-समझने की शक्ति और निर्णय-क्षमता विकसित होती है, जैसे राहुल ने स्वयं न्याय का अर्थ समझा।
(घ) कविता में बालक अपनी माँ से बार-बार ‘वही’ कहानी सुनने की हठ करता है। क्या आपका भी कभी कोई कहानी बार-बार सुनने का मन करता है? अगर हाँ, तो वह कौन-सी कहानी है और क्यों?
हाँ, मुझे भी एक कहानी बार-बार सुनना अच्छा लगता है - वह है 'प्यासा कौआ' की कहानी। उसमें कौए की बुद्धिमानी और प्रयास से पानी पीना सिखाया गया है। यह कहानी मुझे कठिनाई में हार न मानने की प्रेरणा देती है, इसलिए बार-बार सुनकर भी मन नहीं भरता।
निर्णय करें
1. खेलते समय आप देखते हैं कि एक मित्र ने भूल से एक नियम तोड़ा है।
मैं उसे प्यार से नियम समझाऊँगा और कहूँगा कि खेल में नियमों का पालन जरूरी है, पर उसे डाँटूँगा नहीं क्योंकि भूल से हुआ है।
2. एक सहपाठी को कक्षा में दूसरों द्वारा चिढ़ाया जा रहा है।
मैं तुरंत हस्तक्षेप करूँगा, चिढ़ाने वालों को रोकूँगा और उस सहपाठी को सहारा दूँगा, साथ ही शिक्षक को भी बताऊँगा ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
3. एक समूह परियोजना के बीच एक सहपाठी अपने भाग का कार्य नहीं कर रहा है।
मैं उससे कारण पूछूँगा, उसे मदद की जरूरत हो तो सहायता करूँगा और सबको मिलकर जिम्मेदारी बाँटने के लिए प्रेरित करूँगा।
4. आपके दो मित्रों के बीच एक छोटी-सी बात पर तर्क-वितर्क हो रहा है।
मैं दोनों की बात शांति से सुनूँगा और बीच-बचाव करके उन्हें समझाऊँगा कि छोटी बात को बड़ा न बनाएँ और मित्रता बनाए रखें।
5. एक सहपाठी को कुछ ऐसा करने के लिए अनुचित रूप से दंडित किया जा रहा है जिसे उसने नहीं किया।
मैं निडर होकर सच बताऊँगा और शिक्षक को सही जानकारी दूँगा ताकि निर्दोष को न्याय मिले, क्योंकि न्याय दया का दानी होता है।
6. एक सहपाठी प्रतियोगिता में हार जाने पर उदास है।
मैं उसे सांत्वना दूँगा, उसके प्रयास की प्रशंसा करूँगा और अगली बार और अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करूँगा।
7. कक्षा में चर्चा के बीच एक सहपाठी संकोच कर रहा है और बोलने का अवसर नहीं पा रहा है।
मैं शिक्षक से अनुरोध करूँगा कि उसे बोलने का मौका दें और स्वयं भी उसे प्रोत्साहित करूँगा कि वह बिना डरे अपनी बात रखे।
8. सहपाठी किसी विषय में संघर्ष कर रहा है और आपसे सहायता माँगता है।
मैं खुशी-खुशी उसकी मदद करूँगा, उसे सरल तरीके से विषय समझाऊँगा और साथ पढ़ने का समय दूँगा।
सुनी कहानी
हमारे देश और विश्व में अनेक कहानियाँ लोग एक-दूसरे को सैकड़ों-हजारों सालों से सुनते-सुनाते रहे हैं। इन कहानियों को लोककथाएँ कहते हैं। अपने घर या आस-पास सुनी-सुनाई जाने वाली किसी लोककथा को लिखकर कक्षा में सुनाइए। आपने जिस भाषा में लोककथा सुनी है या जिस भाषा में आप लोककथा लिखना चाहें, लिख सकते हैं। कक्षा के सभी समूहों द्वारा एकत्रित लोककथाओं को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए।
उदाहरण लोककथा: 'चतुर खरगोश और शेर' - एक जंगल में एक क्रूर शेर था जो रोज एक जानवर खाता था। एक दिन खरगोश की बारी आई। उसने बुद्धि से शेर को कुएँ में अपना प्रतिबिंब दिखाकर कहा कि दूसरा शेर है। शेर कुएँ में कूद गया और मारा गया। सीख - बुद्धि बल से बड़ी होती है। इस तरह हम अपनी सुनी लोककथा लिखकर पुस्तिका बना सकते हैं।
आज की पहेली
पहेली 1 नानी की बेटी है कौन? मामा की बहना है कौन? भार्या है पिता की कौन? भाभी है चाचा की कौन?
उत्तर है - माँ। माँ ही नानी की बेटी है, मामा की बहन है, पिता की पत्नी है और चाचा की भाभी है। कविता में राहुल की माँ यशोधरा है।
पहेली 2 आसमान में उड़-उड़ जाए, तरह-तरह के गाने गाए, पर फैलाकर करता सैर, दो हैं जिसके पर और पैर।
उत्तर है - पक्षी / हंस / खग। कविता में हंस और खग शब्द पक्षी के लिए आए हैं जो आकाश में उड़ते और कल-कल गाते हैं।
पहेली 3 बागों में जो सुगंध फैलाती, फूल-फूल में बसती गाती, हवा-हवा में घुल-मिल जाए, कौन है जो यह नाम बताए?
उत्तर है - सुरभि / सुगंध / खुशबू। कविता में 'जहाँ, सुरभि मनमानी' और 'वर्ण वर्ण के फूल खिले थे' में फूलों की सुगंध का वर्णन है।


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