चिड़िया — Class 7 Hindi
मल्हार · Chapter 9
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Chapter summary
Key ideas & terms
- स्वच्छंदता
- पक्षियों का बंधनरहित, स्वतंत्र जीवन; कविता का केंद्रीय आदर्श जिसे मनुष्य को अपनाने को कहा गया है।
- मुक्ति-मंत्र
- चिड़िया द्वारा बंदी मनुष्य को दिया गया स्वतंत्रता का संदेश — अपने बंधनों को तोड़कर मुक्त होने की सीख।
- सोने की कड़ियाँ
- मनुष्य द्वारा स्वयं डाले गए लोभ, संग्रह और स्वार्थ के बंधनों का प्रतीक, जिन्हें तोड़ने की प्रेरणा दी गई है।
- संतोष
- पक्षियों का वह गुण कि वे श्रम से जितना मिले उतना ही लेते हैं और बचा हुआ औरों के लिए छोड़ देते हैं।
- मिल-जुलकर रहना
- खंजन, कपोत, कोयल, हंस आदि सभी पक्षियों का आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ रहना।
- आरसी प्रसाद सिंह
- प्रेम, करुणा, त्याग और स्वतंत्रता को अपनी रचनाओं में प्रमुखता देने वाले कवि; "कलापी" और "आरसी" उनके चर्चित संग्रह हैं।
Extra questions & answers
कविता के अनुसार कौन-सा गुण पक्षियों के जीवन में नहीं पाया जाता?
लोभ और पाप — पक्षियों के मन में लोभ, पाप या संसार का सारा माल हड़पने की चाह नहीं होती।
चिड़िया मनुष्य को क्या सिखाती है?
वह प्रेम-प्रीति की रीति सिखाती है और बंदी मनुष्य को मुक्ति का मंत्र बताती है — अर्थात स्वतंत्र और संतुष्ट जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
"सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं" किन भावों की ओर संकेत करती है?
समानता और एकता के भावों की ओर — पक्षी बिना भेदभाव के आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ रहते हैं।
पक्षी अपनी आवश्यकता और संग्रह के विषय में कैसा आचरण करते हैं?
वे अपने श्रम से जितना मिलता है उतना ही लेते हैं और जो बच जाता है, उसे औरों के हित के लिए छोड़ देते हैं।
पक्षी मनुष्य से कैसा जीवन जीने के लिए कहते हैं?
वे मनुष्य से स्वच्छंद यानी स्वतंत्र और लोभरहित जीवन जीने के लिए कहते हैं और अपने बंधन तोड़ने की प्रेरणा देते हैं।
"हम स्वच्छंद और क्यों तुमने डाली है बेड़ी पग में?" का क्या आशय है?
कि पक्षी तो स्वतंत्र हैं, पर मनुष्य ने लोभ और स्वार्थ के कारण स्वयं ही अपने पैरों में बंधन की बेड़ी डाल रखी है।
"सोने की कड़ियाँ" किसका प्रतीक हैं?
मनुष्य द्वारा स्वयं अपनाए गए लोभ, धन-संग्रह और स्वार्थ के बंधनों का, जिन्हें तोड़ने को कविता प्रेरित करती है।
वन के कौन-कौन से पक्षियों का उल्लेख कविता में हुआ है?
खंजन, कपोत, चातक, कोयल, काक, हंस और शुक आदि पक्षियों का, जो आपस में हिल-मिलकर रहते हैं।
कविता में पक्षियों के जीवन को आदर्श क्यों बताया गया है?
क्योंकि उनका जीवन प्रेम, संतोष, निर्भयता, स्वतंत्रता और परोपकार से भरा है, जिसमें लोभ या स्वार्थ नहीं है।
कविता हमें क्या संदेश देती है?
कि हमें लोभ और स्वार्थ के बंधन तोड़कर पक्षियों की तरह प्रेम, संतोष और भाईचारे के साथ स्वतंत्र जीवन जीना चाहिए तथा प्रकृति व पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए।


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