नए मेहमान
Class 8 Hindi · मल्हार · Chapter 8
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The story in short
उदयशंकर भट्ट की यह एकांकी एक आधुनिक शहरी मध्यवर्गीय परिवार की कठिनाइयों और भारतीय आतिथ्य-परंपरा का जीवंत चित्रण करती है। किराये के एक छोटे, बंद और भीषण गरमी से तपते मकान में विश्वनाथ, उसकी पत्नी रेवती और बच्चे अनेक असुविधाओं के बीच रात बिताने की तैयारी कर रहे हैं। पानी, बिजली, छत और जगह की कमी तथा निर्दयी पड़ोसी की शिकायतों से वे पहले से ही परेशान हैं। तभी अचानक नन्हेमल और बाबूलाल नामक दो अपरिचित मेहमान आ जाते हैं, जो किसी "कविराज" के घर जाना चाहते थे पर पता और नाम भूल जाने के कारण भूल से विश्वनाथ के घर पहुँच जाते हैं। संकोचवश विश्वनाथ उन्हें घर में रहने देता है और रेवती बीमार होते हुए भी भोजन बनाने को तैयार हो जाती है। बातचीत से धीरे-धीरे स्पष्ट होता है कि मेहमान विश्वनाथ को बिल्कुल नहीं जानते। अंत में पता चलता है कि उन्हें पास की गली के कविराज रामलाल वैद्य के यहाँ जाना था। इसी बीच रेवती का असली भाई, जो तार भेजकर भी न मिलने के कारण भटकता रहा, पहुँच जाता है। एकांकी हास्य, संवाद और नाटकीयता के माध्यम से गरमी की भीषणता, शहरी जीवन की समस्याओं और अतिथि-सत्कार की भावना को उजागर करती है।


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