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तब याद तुम्हारी आती है — Class 9 Hindi

गंगा · Chapter 14

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Chapter summary

रामनरेश त्रिपाठी की यह "साथ-साथ पढ़ें" कविता प्रकृति के मनोरम क्षणों के माध्यम से ईश्वर (सिरजनहार) के प्रति गहरी श्रद्धा और स्मरण की भावना व्यक्त करती है। कवि कहता है कि जब बहुत सवेरे चिड़ियाँ उठकर खुशी के गीत गाती हैं, कलियाँ दरवाज़े खोलकर संसार पर मुस्कुराती हैं और कहीं से ठंडी हवा मस्ती ढोकर लाती है, तब उसे सृष्टि के रचयिता प्रभु की याद आती है। इसी प्रकार जब चुपचाप चमकते तारों की महफ़िल रात को सजाती है और चाँद शान से उठता है, तब दिल की दुनिया जाग उठती है — मानो प्रकृति प्रभु से कोई संदेश पा रही हो। कविता प्रकृति के सौंदर्य और ईश्वर की रचना-शक्ति के बीच गहरा संबंध स्थापित करती है, जिसमें प्रातःकाल की चहचहाहट, खिलती कलियाँ, शीतल हवा, रात के तारे और चंद्रमा — सभी प्रभु की महिमा के प्रतीक बनकर भक्त को उसका स्मरण कराते हैं। सरल, गेय और चित्रात्मक भाषा में रचित यह कविता प्रकृति-प्रेम और ईश्वर-भक्ति का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करती है।
सिरजनहार का स्मरणप्रातःकाल के प्राकृतिक दृश्यरात्रि के तारे और चाँदप्रकृति और ईश्वर का संबंधप्रकृति-प्रेम और भक्ति का समन्वय

Key ideas & terms

सिरजनहार
सृष्टि की रचना करने वाला ईश्वर; कविता में कवि बार-बार उसी का स्मरण करता है।
प्रकृति-चित्रण
चिड़ियों के गीत, खिलती कलियाँ, ठंडी हवा, तारे और चाँद के सजीव चित्र, जिनके माध्यम से प्रभु का स्मरण होता है।
ईश्वर-स्मरण
कविता का केंद्रीय भाव — प्रकृति के मनोहारी क्षणों में प्रभु की याद आना और श्रद्धा जगना।
गेयता
कविता की लयात्मक, गाने योग्य भाषा, जो उसे संगीतमय और प्रभावशाली बनाती है।
प्रातः और रात्रि के बिंब
सवेरे की चहचहाहट तथा रात के तारों-चाँद के दृश्य — दोनों समयों में प्रभु का स्मरण कराने वाले बिंब।
प्रकृति और भक्ति का समन्वय
प्रकृति के सौंदर्य और ईश्वर की रचना-शक्ति को जोड़कर भक्ति-भाव जगाना — कविता की मूल विशेषता।

Extra questions & answers

कविता में कवि को किसकी याद आती है?

कवि को सृष्टि के रचयिता ईश्वर (सिरजनहार) की याद आती है, जब वह प्रकृति के मनोहारी क्षणों को देखता-सुनता है।

सवेरे किन दृश्यों से कवि को प्रभु की याद आती है?

जब चिड़ियाँ उठकर खुशी के गीत गाती हैं, कलियाँ दरवाज़े खोलकर संसार पर मुस्कुराती हैं और ठंडी हवा मस्ती ढोकर लाती है, तब कवि को प्रभु की याद आती है।

रात के समय कौन-से दृश्य कवि को प्रभावित करते हैं?

चुपचाप चमकते तारों की महफ़िल और शान से उठता चाँद कवि को प्रभावित करते हैं; इन्हें देखकर उसके दिल की दुनिया जाग उठती है।

"दिल की दुनिया जाग जाती है" से क्या भाव है?

इसका भाव है कि रात के सौंदर्य को देखकर कवि के हृदय में श्रद्धा और भावनाएँ जाग उठती हैं और उसे प्रभु का स्मरण हो आता है।

कविता प्रकृति और ईश्वर के बीच क्या संबंध स्थापित करती है?

यह स्थापित करती है कि प्रकृति का समस्त सौंदर्य ईश्वर की रचना-शक्ति का प्रतीक है; प्रकृति के हर मनोहारी क्षण में प्रभु की महिमा झलकती है।

कविता में प्रकृति के कौन-कौन से उपादान आए हैं?

चिड़ियाँ, कलियाँ, ठंडी हवा, चमकते तारे और चंद्रमा — ये सभी उपादान प्रभु की याद दिलाने वाले बिंब के रूप में आए हैं।

"वह संदेशा कुछ पाती है" से कवि क्या कहना चाहता है?

कवि कहना चाहता है कि रात का सौंदर्य देखकर लगता है मानो प्रकृति प्रभु से कोई गुप्त संदेश पा रही है; प्रकृति और ईश्वर के बीच एक अदृश्य संबंध है।

कविता की भाषा और शैली की क्या विशेषता है?

इसकी भाषा सरल, गेय और चित्रात्मक है, जो प्रकृति के दृश्यों को सजीव बना देती है और भक्ति-भाव को सहज रूप से व्यक्त करती है।

कविता का मूल भाव क्या है?

इसका मूल भाव प्रकृति-प्रेम और ईश्वर-भक्ति का समन्वय है — प्रकृति के सौंदर्य में रचयिता प्रभु का स्मरण और उसके प्रति श्रद्धा।

यह कविता पाठक के मन में कौन-सा भाव जगाती है?

यह पाठक के मन में प्रकृति के प्रति प्रेम, सौंदर्य-बोध और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता एवं श्रद्धा का भाव जगाती है।