ProSyllabusLearn a little. Grow every day.Log in
YOUR STUDY SPACE · CBSE

क्या लिखूँ? — Class 9 Hindi

गंगा · Chapter 2

Visual story

Watch as story →

CBSE Class 9 community

View all
All available subjects
~140days leftAnnual exams · school dates varyFeb–Mar 2027 · school-specific · tentative
Every subject, one purchase
  • Mathematics Part I
  • Mathematics Part II
  • + 4 more
~7 pages per kitPage 1 free
Hindi · Ganga
~140days leftAnnual exams · school dates varyFeb–Mar 2027 · school-specific · tentative
Every important point, highly compressed.
  • 12 पाठ
  • अलंकार और समास
  • मुहावरे
Only 7 pagesPage 1 free
Mathematics
~140days leftAnnual exams · school dates varyFeb–Mar 2027 · school-specific · tentative
All 2 books, one purchase
  • Mathematics Part I
  • Mathematics Part II
~7 pages per kitPage 1 free
Science
~140days leftAnnual exams · school dates varyFeb–Mar 2027 · school-specific · tentative
TrendingEvery important point, highly compressed.
  • Formula cards
  • Graph reading
  • 16 traps corrected
Only 7 pagesPage 1 free
Social Science
~140days leftAnnual exams · school dates varyFeb–Mar 2027 · school-specific · tentative
Every important point, highly compressed.
  • Timelines
  • Comparison tables
  • Article numbers
Only 7 pagesPage 1 free
English · Kaveri
~140days leftAnnual exams · school dates varyFeb–Mar 2027 · school-specific · tentative
TrendingEvery important point, highly compressed.
  • 16 texts summarised
  • Poetry devices
  • Grammar rules
Only 7 pagesPage 1 free
Browse all Class 9 kits →

Chapter summary

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का यह निबंध निबंध-लेखन की प्रक्रिया और उसकी कठिनाइयों को रोचक, आत्मपरक शैली में समझाता है। लेखक को अपनी दो विद्यार्थिनियों नमिता और अमिता के लिए "दूर के ढोल सुहावने" तथा "समाज-सुधार" विषयों पर आदर्श निबंध लिखने हैं। वह गार्डिनर के इस कथन से शुरू करता है कि लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति होती है जिसमें विषय गौण और भाव प्रधान होते हैं। फिर वह निबंधशास्त्र के आचार्यों के मतों — निबंध छोटा हो, उसकी रूपरेखा बने, भाषा में प्रवाह हो — का उल्लेख करता है, पर स्वयं उन पर खरा न उतरने की कठिनाई बताता है। अंत में वह मानटेन की आत्मपरक, स्वच्छंद शैली को अपनाने का निर्णय लेता है और अमीर खुसरो की चतुराई की तरह एक ही निबंध में दोनों विषयों को समेट देता है। वह बताता है कि दूर की वस्तुएँ इसलिए सुहावनी लगती हैं क्योंकि उनकी कठोरता दूरी में मिट जाती है, और यह भी कि समाज-सुधार की आवश्यकता हर युग में बनी रहती है, क्योंकि दोष और सुधार दोनों का कभी अंत नहीं होता।
निबंध-लेखन की प्रक्रियागार्डिनर और मानटेन के मतदूर के ढोल सुहावनेसमाज-सुधार की निरंतरताआत्मपरक शैली

Key ideas & terms

निबंध
गद्य की वह विधा जिसमें रचनाकार किसी विषय पर अपने विचार, अनुभव और दृष्टिकोण क्रमबद्ध एवं साहित्यिक ढंग से प्रस्तुत करता है (नि+बंध = भली-भाँति बँधा हुआ)।
आत्मपरक शैली
वह शैली जिसमें लेखक स्वयं पाठक से सीधे संवाद करता है, जिससे रचना जीवंत और आत्मीय बनती है।
मानटेन
फ्रांसीसी निबंधकार, जिसने अपने देखे-सुने और अनुभव किए को ही स्वच्छंद रूप से लिखा; लेखक उसी पद्धति को अपनाता है।
दूर के ढोल सुहावने
एक लोकोक्ति जिसका अर्थ है — दूर की वस्तुएँ आकर्षक लगती हैं, क्योंकि उनकी कठिनाइयाँ या कठोरता पास से ही दिखती है।
समाज-सुधार
निबंध का दूसरा विषय; लेखक बताता है कि बुद्ध, महावीर, कबीर, नानक, गांधी आदि सुधारकों के बाद भी सुधारों की आवश्यकता सदा बनी रहती है।
अमीर खुसरो की पद्धति
एक ही पद्य में कई विषयों को समेटने की चतुराई, जिसे लेखक एक ही निबंध में दोनों विषयों के समावेश हेतु अपनाता है।

Extra questions & answers

लेखक को क्या लिखने की कठिनाई है?

उसे नमिता और अमिता के लिए "दूर के ढोल सुहावने" और "समाज-सुधार" — दो आदर्श निबंध बहुत कम समय में लिखने हैं, जबकि सामग्री और रूपरेखा तैयार नहीं है।

गार्डिनर के अनुसार लिखने की कौन-सी स्थिति होती है?

गार्डिनर के अनुसार लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति होती है जिसमें मन में उमंग, हृदय में स्फूर्ति और मस्तिष्क में आवेग होता है; उस समय विषय गौण और भाव प्रधान हो जाते हैं।

"हैट और खूँटी" के उदाहरण का क्या आशय है?

जैसे हैट टाँगने के लिए कोई भी खूँटी काम दे सकती है, वैसे ही मन के भाव व्यक्त करने के लिए कोई भी विषय उपयुक्त है; असली वस्तु भाव हैं, विषय नहीं।

निबंधशास्त्र के आचार्यों ने कौन-से सुझाव दिए?

उन्होंने सुझाया कि निबंध छोटा हो, पहले उसकी रूपरेखा बने, सामग्री एकत्र की जाए और भाषा में प्रवाह तथा संबद्ध छोटे वाक्य हों।

लेखक ने अंततः कौन-सी पद्धति अपनाई और क्यों?

उसने मानटेन की आत्मपरक, स्वच्छंद पद्धति अपनाई, जिसमें लेखक अपने सच्चे अनुभव और भाव लिखता है; इससे उसकी कठिनाई आधी रह जाती है।

अमीर खुसरो की कहानी का क्या संदर्भ है?

खुसरो ने एक ही पद्य में चार स्त्रियों की अलग-अलग इच्छाएँ पूरी कीं; उसी प्रतिभा से प्रेरित होकर लेखक एक निबंध में दोनों विषयों को समेट देता है।

"दूर के ढोल सुहावने" क्यों लगते हैं?

क्योंकि ढोल की कर्कशता दूर तक नहीं पहुँचती; दूरी से वही ध्वनि मधुर लगती है और कल्पना उसमें उत्सव, प्रेम और आनंद भर देती है।

तरुण और वृद्ध की असंतुष्टि में क्या अंतर है?

तरुण भविष्य को वर्तमान में लाना चाहते हैं और क्रांति के समर्थक होते हैं, जबकि वृद्ध अतीत के गौरव के संरक्षक होते हैं; दोनों वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं।

समाज-सुधार के विषय में लेखक का क्या मत है?

उसके अनुसार सुधारों की आवश्यकता हर युग में रहती है, क्योंकि पुराने सुधार समय के साथ दोष बन जाते हैं और उनका फिर नया सुधार होता है — यही जीवन को प्रगतिशील बनाता है।

इस निबंध की शैली की मुख्य विशेषता क्या है?

इसकी आत्मपरक, संवादात्मक शैली, जिसमें लेखक स्वयं पाठक से बातचीत करता है; इससे निबंध जीवंत, आत्मीय और प्रभावशाली बन जाता है।