घर की याद — Class 9 Hindi
गंगा · Chapter 12
Visual story
Watch as story →CBSE Class 9 community
View all- Mathematics Part I
- Mathematics Part II
- + 4 more
- 12 पाठ
- अलंकार और समास
- मुहावरे
- Mathematics Part I
- Mathematics Part II
- Formula cards
- Graph reading
- 16 traps corrected
- Timelines
- Comparison tables
- Article numbers
- 16 texts summarised
- Poetry devices
- Grammar rules
Chapter summary
Key ideas & terms
- भारत छोड़ो आंदोलन
- 1942 का स्वतंत्रता-आंदोलन, जिसमें भाग लेने पर कवि को कारावास हुआ, जहाँ यह कविता लिखी गई।
- सावन का बादल
- कविता में संदेशवाहक (दूत), जिसके माध्यम से कवि अपने परिवार तक संदेश और धीरज पहुँचाना चाहता है।
- "वज्र-भुजा नवनीत-सा उर"
- पिता का बहुआयामी रूप — भुजाएँ वज्र के समान कठोर, पर हृदय मक्खन के समान कोमल और संवेदनशील।
- माँ
- बिन-पढ़ी पर स्नेहमयी और दृढ़; जो दुख में भी धैर्य बँधाती है और बेटे के त्याग को सही मानती है।
- ध्वन्यात्मकता/नाद-सौंदर्य
- "झरा-झर, हरा-हर, सर-सर, थर-थर" जैसे शब्द-प्रयोग, जो कविता में वर्षा का जीवंत वातावरण रचते हैं।
- संबोधनात्मकता
- कवि का सीधे सावन/बादल को संबोधित करना — "हे सजीले हरे सावन" — जो कविता को आत्मीय बनाता है।
Extra questions & answers
यह कविता कवि ने कहाँ और क्यों लिखी?
यह कविता कवि ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के समय जेल में रहते हुए, अपने घर और परिवार की याद में लिखी।
लगातार बरसता पानी कवि के किस भाव का परिचायक है?
यह कवि की चिंता, बेचैनी और घर की याद से उमड़ती भावनाओं का परिचायक है; पानी के साथ-साथ उसका मन भी घिरता जाता है।
कविता में माँ की कैसी छवि उभरती है?
माँ बिन-पढ़ी होते हुए भी स्नेहमयी और दृढ़ है; वह दुख में भी धैर्य रखती है और कहती है कि भवानी का जेल जाना उसकी लीक है, ठीक ही है।
"वज्र-भुजा नवनीत-सा उर" से पिता की कैसी छवि बनती है?
इससे पिता का दृढ़ और संवेदनशील रूप बनता है — भुजाएँ वज्र-सी बलवान, पर हृदय मक्खन-सा कोमल; वे साहसी, कर्मठ और भावुक हैं।
पिता की भावुकता किस पंक्ति से प्रकट होती है?
"एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए" से — कवि पिता की तुलना बड़ के पेड़ से करता है जिसका एक पत्ता टूटने पर भी दूध की धारा फूट पड़े; यह उनकी अत्यधिक भावुकता दर्शाता है।
कवि बादल से क्या-क्या कहलवाना चाहता है?
वह कहलवाना चाहता है कि वह मस्त है, काम-नाम कर रहा है, कूदता-खेलता है और दुख डटकर ठेलता है — ताकि घरवाले चिंता न करें।
कवि बादल से क्या न कहने का आग्रह करता है?
वह आग्रह करता है कि बादल यह न बताए कि वह जेल में है, कष्ट सह रहा है या आदमी से भागता है; घरवालों को केवल धीरज देना है ताकि पिता पाँचवें बेटे के लिए न तरसें।
"दुख डटकर ठेलता हूँ" कथन क्या उजागर करता है?
यह कवि के संघर्षशील, साहसी और धैर्यवान स्वभाव को उजागर करता है — कठिन परिस्थिति में भी वह दुख से हार नहीं मानता।
कविता में बार-बार वर्षा का वर्णन क्यों है?
वर्षा कवि के मन की उमड़ती भावनाओं, घर की याद और बेचैनी का प्रतीक है; बाहर का पानी और भीतर का भावनात्मक प्रवाह दोनों साथ-साथ बहते हैं।
कविता किस मूल भाव को व्यक्त करती है?
यह घर की याद, अकेलेपन की पीड़ा तथा देशभक्ति के त्याग और पारिवारिक प्रेम के कोमल मेल को व्यक्त करती है।


6
2
