महाकवि सूरदास का यह प्रसिद्ध वात्सल्य-पद ब्रजभाषा में रचा गया है, जिसमें बाल-कृष्ण की मनोहारी लीला का चित्रण है। माखन खाने के आरोप पर बालक कृष्ण भोलेपन से अपनी माता यशोदा के सामने सफाई देते हैं कि उन्होंने माखन नहीं खाया। वे तरह-तरह के तर्क देते हैं — सुबह होते ही उन्हें गायों के पीछे मधुबन भेज दिया गया, वे दिन भर बंसीवट में भटकते रहे और साँझ ढले घर लौटे, फिर वे माखन कब खाते? वे यह भी कहते हैं कि उनकी बाँहें छोटी हैं, इसलिए वे ऊँचे टँगे छीके तक पहुँच ही नहीं सकते। उनके अनुसार ग्वाल-बाल (साथी) उनसे बैर रखते हैं और उन्होंने ही ज़बरदस्ती उनके मुँह पर माखन लपेट दिया है। कृष्ण उलाहना देते हुए कहते हैं कि माँ भोली-भाली होकर इन सबकी बातों पर विश्वास कर लेती है और लगता है उसके मन में कोई भेद है, जो उन्हें पराया समझ रही है। वे रूठकर अपनी लकुटि और कमरिया (लाठी-कंबल) लौटाने की बात कहते हैं कि माँ ने उन्हें बहुत नचाया है। बालक के ऐसे भोले तर्क सुनकर यशोदा मुस्कुराते हुए उन्हें हृदय से लगा लेती हैं। पद वात्सल्य रस और सूरदास की चित्रात्मक कल्पना का सुंदर उदाहरण है।
The story in 6 beats
1श्रीकृष्ण कहते हैं कि वे माखन नहीं खाते, क्योंकि भोर से ही गायों के पीछे मधुबन भेजे जाते हैं।
2वे बताते हैं कि चार पहर बंसीवट में भटककर साँझ को घर लौटते हैं।
3वे तर्क देते हैं कि वे छोटे बालक हैं, इसलिए छीके तक पहुँचकर माखन नहीं पा सकते।
4वे कहते हैं कि ग्वाल-बाल बैर रखते हैं और जबरदस्ती उनके मुँह पर माखन लगा देते हैं।
5वे माँ को भोली बताकर कहते हैं कि उसने दूसरों की बात मान ली और उन्हें पराया समझ लिया।
6अंत में यशोदा हँस पड़ती हैं और श्रीकृष्ण को हृदय से लगा लेती हैं।
कृष्ण-बाल-लीलावात्सल्य रसब्रजभाषाभोले तर्कभक्तिकालीन पद
Characters & key ideas
ससूरदासब्रजभाषा के महाकवि, जिन्होंने श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया।
ववात्सल्य रसबालक के प्रति माता-पिता या बड़ों के स्नेह और दुलार का भाव।
ममधुबनमथुरा के पास यमुना के किनारे का एक वन, जहाँ कृष्ण गाय चराने जाते थे।
छछीकारस्सियों का बना जाल, जो छत या ऊँची जगह से लटकाया जाता है ताकि उसमें रखी खाने-पीने की चीज़ें सुरक्षित रहें।
ललकुटि-कमरियालाठी और छोटा कंबल (कमली), जिसे लेकर कृष्ण गाय चराने जाते थे।
गग्वाल-बालगाय पालने वालों के बच्चे अर्थात कृष्ण के संगी-साथी।
Word meanings · शब्दार्थ
मधुबन
मथुरा के पास का एक वन
पहर
समय की एक इकाई
बंसीवट
वह वटवृक्ष जहाँ कृष्ण जाते थे
बहियन
बाँहें, हाथ
छीको
छत से लटका रस्सी का जाल
बिधि
रीति, प्रकार
ग्वाल-बाल
गाय पालने वालों के बच्चे
पतियायो
विश्वास किया, सच माना
जिय
मन, जी
लकुटि कमरिया
लाठी और छोटा कंबल
बिहसिँ
मुसकाई, हँसी
Extra questions & answers (board-style)
मेरी समझ से
मिलकर करें मिलान
पंक्तियों पर चर्चा
सोच-विचार के लिए
कविता की रचना
अनुमान या कल्पना से
शब्दों के रूप
वर्ण-परिवर्तन
पंक्ति से पंक्ति
आपकी बात
घर की वस्तुएँ
समय का माप
हम सब विशेष हैं
आज की पहेली
खोजबीन के लिए
Try one from this chapter
"मैया मैं नहिं माखन खायो" पद के रचयिता कौन हैं?
Flashcards & interactive practice
Practice quiz · मैया मैं नहिं माखन खायो
Score on this chapter, climb the leaderboard, and get an AI diagnosis of your mistakes.
Dual AI-verified questions Real exam pattern 1 free quiz every month, then ₹9 per quiz — or a monthly plan
#1
मैया मैं नहिं माखन खायो
Start here
Hindi 10 Qs · ~10 min
Instant score, answer review and weak-topic diagnosis
Data & insights
Trending in Class 6 this weekThe chapters students are reading most right now