CBSE Class 6 Annual Assessment
Annual assessment for Class 6 students under CBSE, covering core subjects like Mathematics, Science, Social Science, English, and Hindi, focusing on foundational knowledge and skills.
रहीम के दोहे — Class 6 Hindi
Chapter 5: रहीम के दोहे
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Summary
भक्तिकाल के प्रसिद्ध कवि अब्दुर्रहीम खानखाना (रहीम) के नीति-दोहे जीवन-मूल्यों की सीख देते हैं। एक दोहे में वे कहते हैं कि बड़े को देखकर छोटे का महत्व नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि जहाँ सुई काम आती है वहाँ तलवार कुछ नहीं कर पाती — हर वस्तु की अपनी उपयोगिता होती है। पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाते और सरोवर अपना पानी स्वयं नहीं पीते; इसी प्रकार सज्जन परोपकार के लिए ही संपत्ति संचित करते हैं। प्रेम के धागे को झटके से नहीं तोड़ना चाहिए, क्योंकि टूटने पर वह जुड़ता भी है तो गाँठ पड़ जाती है। रहीम पानी अर्थात मान-सम्मान की रक्षा पर बल देते हैं — पानी (सम्मान) चले जाने पर मोती, मनुष्य और आटा तीनों का कोई मोल नहीं रहता, क्योंकि "पानी" शब्द के यहाँ तीन अर्थ (चमक, सम्मान और जल) हैं। थोड़े दिन की विपत्ति भी अच्छी होती है क्योंकि उससे हित-अहित करने वाले की पहचान हो जाती है। जीभ कुछ भी कह जाती है पर उसका दंड बेचारे सिर को भुगतना पड़ता है, इसलिए सोच-समझकर बोलना चाहिए। संपत्ति में तो बहुत-से लोग मित्र बन जाते हैं, पर सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति की कसौटी पर खरा उतरे।
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रहीम के दोहे