CBSE Class 6 Annual Assessment
Annual assessment for Class 6 students under CBSE, covering core subjects like Mathematics, Science, Social Science, English, and Hindi, focusing on foundational knowledge and skills.
जलाते चलो — Class 6 Hindi
Chapter 7: जलाते चलो
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Summary
द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की यह प्रेरक कविता निराशा के अँधेरे में आशा का दीपक जलाते रहने का संदेश देती है। कवि कहते हैं कि स्नेह (प्रेम और भलाई) से भरकर ये दीये जलाते चलो, क्योंकि एक-न-एक दिन धरती का अँधेरा अवश्य मिटेगा। यहाँ "दीये" प्रेम और परोपकार के प्रतीक हैं, जबकि "अमावस" और "तिमिर" समाज की समस्याओं और अंधकार के प्रतीक हैं। कवि कहते हैं कि विज्ञान में अमावस को पूर्णिमा बना देने की शक्ति होने पर भी संसार में सुख-शांति घटती जा रही है, इसलिए केवल बिजली के बल्ब (स्नेहहीन प्रकाश) से मार्ग नहीं मिलेगा — असली प्रकाश तो प्रेम और भलाई का है। उन्हीं मनुष्यों को संबोधित करते हुए कवि कहते हैं कि तुमने ही सबसे पहले तिमिर की चुनौती स्वीकार की और दीप जलाकर अंधकार से लड़ने की नाव बनाई थी; अब उसे निरंतर चलाते रहो, किनारा अवश्य मिलेगा। दीप और तूफ़ान की यह कहानी युगों से चली आ रही है और चलती रहेगी; यदि धरती पर एक भी दीपक जलता रहा, तो रात को कभी-न-कभी सवेरा अवश्य मिलेगा। कविता संघर्ष, आशा और परोपकार की भावना से भरी हुई है।
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जलाते चलो