सौहार्दं प्रकृतेः शोभा — Class 10 Sanskrit
शेमुषी भाग-2 · Chapter 7
CBSE Class 10 community
View allAll available subjects
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
TrendingStart now for December pre-boards. Reuse it for boards.- Mathematics
- Science
- + 10 more
Sanskrit · Shemushi 2 + Vyakaranavithi + Abhyaswaan Bhav
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.- 9 पाठ
- सन्धि-समास
- प्रत्यय
Social Science
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.- History
- Economics
- + 2 more
English
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.- First Flight
- Footprints without Feet
Mathematics (Standard and Basic)
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.- 70+ formulas and theorems
- Board-paper chapter counts
- 24 traps corrected
Science
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
TrendingStart now for December pre-boards. Reuse it for boards.- Equations and formulas
- Book tables as charts
- Traps corrected
Hindi A · Kshitij 2 + Kritika 2
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.- 15 पाठ
- व्याकरण
- लेखन प्रारूप
Computer Applications 2027
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.- HTML & CSS examples
- Protocol tables
- Cyber ethics
Hindi B · Sparsh 2 + Sanchayan 2
~50days leftPre-boards · school dates varyDec 2026 · school-specific · tentative
Start now for December pre-boards. Reuse it for boards.- 17 पाठ
- व्याकरण
- लेखन प्रारूप
Chapter summary
यह कथा एकता, सहयोग और मेल-जोल (सौहार्द) के महत्त्व को दर्शाती है। शीर्षक का अर्थ है — सौहार्द (परस्पर प्रेम और सहयोग) ही प्रकृति की शोभा है। हितोपदेश-शैली की इस कथा में बहुत-से कबूतर (कपोत) एक साथ उड़ रहे होते हैं, तभी वे एक बहेलिये के बिछाए जाल में फँस जाते हैं। घबराने के बजाय उनका बुद्धिमान राजा (चित्रग्रीव) उन्हें सुझाव देता है कि वे सब मिलकर एक साथ ज़ोर लगाकर जाल समेत उड़ जाएँ। एकता और सामूहिक प्रयास से सभी कबूतर जाल को लेकर आकाश में उड़ जाते हैं। फिर वे अपने मित्र चूहे (मूषक) के पास जाते हैं, जो जाल को कुतरकर सबको मुक्त कर देता है। कथा यह सिखाती है कि संगठन और सहयोग में अपार शक्ति है; मिल-जुलकर किया गया प्रयास बड़ी-से-बड़ी विपत्ति को भी दूर कर देता है।
सौहार्द और एकताकबूतरों का जाल में फँसनाचित्रग्रीव की बुद्धिसामूहिक प्रयासमित्रता का महत्त्व
Key ideas & terms
- सौहार्दम्
- परस्पर प्रेम, मित्रता और सहयोग।
- कपोतः
- कबूतर।
- चित्रग्रीवः
- कबूतरों का बुद्धिमान राजा।
- व्याधः
- बहेलिया, जो जाल बिछाता है।
- मूषकः
- चूहा, जो जाल कुतरकर कबूतरों को मुक्त करता है।
- एकता/संगठनम्
- मिलकर रहने और प्रयास करने की शक्ति।
Extra questions & answers
शीर्षक ‘सौहार्दं प्रकृतेः शोभा’ का क्या अर्थ है?
कि सौहार्द — परस्पर प्रेम और सहयोग — ही प्रकृति की शोभा है।
कबूतर जाल में फँसने पर कैसे बचे?
राजा चित्रग्रीव के सुझाव पर सब मिलकर एक साथ ज़ोर लगाकर जाल समेत उड़ गए।
कबूतरों को जाल से अंततः किसने मुक्त किया?
उनके मित्र चूहे (मूषक) ने जाल को कुतरकर सबको मुक्त किया।
कथा का मुख्य संदेश क्या है?
एकता और सहयोग में अपार शक्ति है; मिल-जुलकर बड़ी विपत्ति भी दूर हो जाती है।
शीर्षक ‘सौहार्दं प्रकृतेः शोभा’ का क्या अर्थ है?
कि सौहार्द — परस्पर प्रेम और सहयोग — ही प्रकृति की शोभा है।
कथा में कौन-से पक्षी जाल में फँसते हैं और उनका राजा कौन है?
बहुत-से कबूतर (कपोत) जाल में फँसते हैं; उनका बुद्धिमान राजा चित्रग्रीव है।
जाल में फँसे कबूतर कैसे बचे?
राजा चित्रग्रीव के सुझाव पर सब मिलकर एक साथ ज़ोर लगाकर जाल समेत उड़ गए।
कबूतरों को जाल से अंततः किसने मुक्त किया?
उनके मित्र चूहे (मूषक) ने जाल को कुतरकर सबको मुक्त किया।
कथा का मुख्य संदेश क्या है?
एकता और सहयोग में अपार शक्ति है; मिल-जुलकर किया गया प्रयास बड़ी विपत्ति भी दूर कर देता है।
यह कथा किस ग्रंथ की शैली पर आधारित है?
यह हितोपदेश-शैली की नीति-कथा है।


12

4
2


