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स्वदेश — Class 8 Hindi

मल्हार · Chapter 1

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Chapter summary

गयाप्रसाद शुक्ल "सनेही" द्वारा रचित यह एक ओजपूर्ण आह्वान-गीत है जो हृदय में देश-प्रेम की भावना जगाता है। कवि कहते हैं कि जिस हृदय में अपने देश के लिए प्रेम न हो, वह हृदय नहीं बल्कि पत्थर के समान कठोर और संवेदनहीन है। कविता बार-बार दोहराती है कि जीवन तभी सार्थक है जब उसमें जोश, साहस और भावनाओं की रसधारा बहती हो। जो व्यक्ति साहस छोड़ देता है वह कभी पार नहीं पहुँच सकता, और जो संसार के संग चलना नहीं जानता उसका संसार में कोई स्थान नहीं बनता। कवि भारत को माता-पिता और बंधु के रूप में देखते हैं — जिसकी मिट्टी में हम पले-बढ़े और जिसने हमें दाना-पानी दिया। वे देश की ज्ञान-संपदा और प्राकृतिक खजानों का गौरवगान करते हैं, जिन पर सारा संसार मुग्ध है। "सब कुछ है अपने हाथों में" कहकर वे आत्मनिर्भरता और कर्तव्य-बोध की प्रेरणा देते हैं। यह रचना तुक मिलाने और एक ही पंक्ति को टेक के रूप में दोहराने जैसी काव्य-विशेषताओं से प्रभावशाली बनती है तथा हमें राष्ट्र के संरक्षण व सेवा के लिए प्रेरित करती है।
देश-प्रेम का भावपत्थर-हृदय का प्रतीकआत्मनिर्भरता और साहसकाव्य-शिल्प: तुक एवं टेक

Key ideas & terms

देश-प्रेम
अपने देश के प्रति गहरा लगाव और सेवा-भाव; कविता का केंद्रीय भाव, जिसके अभाव में हृदय पत्थर माना गया है।
पत्थर हृदय
संवेदनहीनता और कठोरता का प्रतीक; जिस मन में स्वदेश का प्रेम नहीं वह पत्थर के समान बताया गया है।
राजा-रानी
इस पंक्ति में "हम" अर्थात देश के समस्त नागरिकों के लिए प्रयुक्त — जो अपनी भूमि के स्वामी हैं।
आह्वान-गीत
जोश और प्रेरणा से भरा वह गीत जो पाठक को किसी कार्य या भावना के लिए उत्साहित करता है।
तुक मिलाना
दाना-पानी, राजा-रानी जैसे शब्दों की अंतिम ध्वनि का एक-सा होना, जिससे कविता में लयात्मकता आती है।
गयाप्रसाद शुक्ल "सनेही"
खड़ी बोली के प्रतिष्ठित कवि (1883–1972), जिन्होंने राष्ट्र-प्रेम तथा किसान-मज़दूर पर ओजपूर्ण रचनाएँ लिखीं।

Extra questions & answers

"वह हृदय नहीं है पत्थर है" — इस पंक्ति से कवि क्या कहना चाहते हैं?

जिस हृदय में स्वदेश के प्रति प्रेम और संवेदना नहीं होती, वह जीवित होते हुए भी पत्थर जैसा कठोर और निर्जीव है।

कविता में "राजा-रानी" किसके लिए और क्यों कहा गया है?

यह देश के समस्त नागरिकों के लिए कहा गया है, क्योंकि अपनी मातृभूमि के असली स्वामी उसके निवासी ही होते हैं।

कवि के अनुसार किस प्रकार का जीवन सार्थक है?

जिस जीवन में जोश, साहस, उमंग और भावनाओं की रसधारा हो तथा जो दूसरों को भी प्रेरित-उत्साहित कर सके, वही जीवन सार्थक है।

"जिसने साहस को छोड़ दिया" — इस पंक्ति का क्या आशय है?

जो व्यक्ति साहस त्याग देता है वह किसी लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकता और सफलता के पार नहीं उतर सकता।

कवि भारत की किन विशेषताओं पर गर्व करते हैं?

भारत की ज्ञान-संपदा, अनमोल रत्नों जैसे खजाने और प्राकृतिक सौंदर्य पर, जिन पर ज्ञानी तथा सारा संसार मुग्ध है।

"सब कुछ है अपने हाथों में" से कवि कौन-सा संदेश देते हैं?

देश की प्रगति और रक्षा हमारे ही प्रयासों पर निर्भर है; हमें आत्मनिर्भर होकर अपने कर्तव्यों को निभाना चाहिए।

यह रचना किस प्रकार की कविता है?

यह एक आह्वान-गीत है जो हमें देश-प्रेम के लिए प्रेरित और उत्साहित करता है तथा राष्ट्र-सेवा का भाव जगाता है।

कविता को प्रभावशाली बनाने में कौन-सी काव्य-विशेषताएँ सहायक हैं?

तुक मिलाना, एक ही पंक्ति को टेक की तरह बार-बार दोहराना और सरल किंतु ओजपूर्ण भाषा कविता को प्रभावशाली बनाते हैं।

देश-प्रेम केवल सुरक्षा से ही नहीं, और किस बात से जुड़ा है?

देश-प्रेम देश के प्राकृतिक संसाधनों, धरोहरों और संपदा के संरक्षण से भी जुड़ा है, जिनकी रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है।

कविता का शीर्षक "स्वदेश" कितना उपयुक्त है?

पूरी कविता अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम, गौरव और कर्तव्य-भाव को व्यक्त करती है, इसलिए "स्वदेश" शीर्षक पूर्णतः सार्थक है।