CBSE Class 7 Annual Assessment
Annual assessment for Class 7 students under CBSE, building on core subjects to enhance critical thinking and conceptual understanding.
नहीं होना बीमार — Class 7 Hindi
Chapter 5: नहीं होना बीमार
Summary
स्वयं प्रकाश की यह रोचक कहानी एक बालक के अनुभव पर आधारित है। एक दिन वह अपनी नानीजी के साथ बीमार पड़ोसी सुधाकर काका को अस्पताल देखने जाता है। वहाँ का शांत, साफ-सुथरा वातावरण, हरे पेड़ और काका को मिल रही साबूदाने की खीर देखकर बालक के मन में आता है कि "बीमारों के क्या ठाठ हैं!" कुछ दिन बाद, जब उसका होमवर्क नहीं हुआ होता और स्कूल जाने का मन नहीं करता, तो वह बीमारी का बहाना बनाकर रजाई में पड़ा रहता है। नानाजी उसका माथा और नब्ज़ देखकर बता देते हैं कि बुखार नहीं है, फिर भी उसे कड़वी पुड़िया और काढ़े जैसी चाय पिला देते हैं और भूखा रहने की सलाह देकर कहते हैं कि इससे सारे विकार निकल जाएँगे। बालक दिन भर अकेला, भूखा और ऊबा हुआ बिस्तर पर पड़ा रहता है। वह घर की गतिविधियों का अनुमान लगाता है, खाने की चीज़ों के बारे में सोचता रहता है, और जब देखता है कि मन्नू आम चूस रहा है तो उसे ईर्ष्या और कुढ़न होती है। पूरे दिन भूखे रहने के बाद वह समझ जाता है कि स्कूल चले जाना ही ठीक होता। कहानी हास्य और बालमनोविज्ञान के साथ यह सीख देती है कि बहाने बनाने का परिणाम स्वयं को ही भुगतना पड़ता है — इसके बाद उसने कभी बीमारी का बहाना नहीं बनाया।
Key terms
Important questions
Explore interactively
Practice quiz · नहीं होना बीमार
Score on this chapter, climb the leaderboard, and get an AI diagnosis of your mistakes.
Dual AI-verified questions Real exam pattern First quiz free
नहीं होना बीमार