CBSE Class 7 Annual Assessment
Annual assessment for Class 7 students under CBSE, building on core subjects to enhance critical thinking and conceptual understanding.
मीरा के पद — Class 7 Hindi
Chapter 10: मीरा के पद
Summary
इस पाठ में लगभग पाँच सौ वर्ष पूर्व रचे गए कृष्ण-भक्त कवयित्री मीरा के दो पद संकलित हैं। पहले पद "बसो मेरे नैनन में नंदलाल" में मीरा श्रीकृष्ण से प्रार्थना करती हैं कि वे उनकी आँखों में बस जाएँ। वे श्रीकृष्ण के सौंदर्य का सुंदर चित्र खींचती हैं — मोहिनी मूरत, साँवली सूरत, विशाल नैन, अधरों पर सुधा-रस बरसाती मुरली, हृदय पर वैजयंती माला, कमर पर सुशोभित छोटी-छोटी घंटियाँ और मधुर ध्वनि करते नूपुर। वे श्रीकृष्ण को "संतों को सुख देने वाला" और "भक्तों से स्नेह करने वाला गोपाल" कहती हैं। दूसरे पद "बरसे बदरिया सावन की" में सावन ऋतु का मनभावन चित्रण है। सावन की घटा बरस रही है, मीरा का मन उमंग से भर उठता है क्योंकि उसने श्रीकृष्ण (हरि) के आने की भनक सुनी है। चारों दिशाओं से बादल उमड़-घुमड़कर आते हैं, बिजली चमकती है, झड़ी लग जाती है, नन्हीं-नन्हीं बूँदें बरसती हैं और शीतल सुहावनी पवन बहती है। मीरा अपने प्रभु गिरधरनागर के आगमन का आनंद और मंगल गीत गाती हैं। दोनों पद भक्ति, प्रेम और श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण के मधुर भावों से भरे हैं और उनमें मीरा अपने नाम तथा "गिरधर" आदि कई नामों का प्रयोग करती हैं।
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मीरा के पद