हार की जीत — Class 6 Hindi
मल्हार · Chapter 4
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Chapter summary
Key ideas & terms
- बाबा भारती
- संत स्वभाव के व्यक्ति, जो अपने घोड़े सुलतान से अत्यधिक प्रेम करते हैं और सद्भाव के प्रतीक हैं।
- खड्गसिंह
- उस इलाके का कुख्यात डाकू, जो छल से घोड़ा छीनता है पर अंत में बाबा के विचारों से बदल जाता है।
- सुलतान
- बाबा भारती का सुंदर और बलवान घोड़ा, जिसके इर्द-गिर्द पूरी कहानी घूमती है।
- सुदर्शन
- इस कहानी के लेखक; उनका वास्तविक नाम बदरीनाथ भट्ट था।
- पश्चाताप
- अपनी की हुई गलती या बुरे काम पर मन में होने वाला गहरा दुख और ग्लानि।
- विशेषण
- किसी की विशेषता, गुण या प्रकृति बताने वाला शब्द (जैसे दयालु, बाहुबली, सुंदर)।
Extra questions & answers
"हार की जीत" कहानी के लेखक कौन हैं?
इस कहानी के लेखक सुदर्शन (वास्तविक नाम बदरीनाथ भट्ट) हैं।
बाबा भारती को किससे सबसे अधिक प्रेम था?
अपने सुंदर और बलवान घोड़े सुलतान से उन्हें सबसे अधिक प्रेम था।
खड्गसिंह बाबा भारती के पास क्यों आया था?
वह सुलतान घोड़े की प्रशंसा सुनकर उसे देखने और पाने की चाह में आया था।
खड्गसिंह ने घोड़ा किस छल से छीना?
उसने अपाहिज का वेश धारण किया और सवारी माँगकर घोड़े पर बैठते ही उसे लेकर भाग गया।
सुलतान के छीने जाने का बाबा भारती पर क्या प्रभाव हुआ?
वे असावधान हो गए और कुछ समय बाद इस भय को स्वप्न के भय की तरह मिथ्या समझने लगे।
"बाबा भारती भी मनुष्य ही थे" — इसका क्या तर्क दिया गया है?
कि वे अपने घोड़े की प्रशंसा दूसरों के मुख से सुनने के लिए व्याकुल थे।
बाबा भारती ने खड्गसिंह से कौन-सा वचन माँगा?
कि वह इस घटना को किसी के सामने प्रकट न करे।
बाबा ने यह वचन क्यों माँगा?
क्योंकि घटना जानने पर लोग किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति पर विश्वास करना छोड़ देंगे और संसार से विश्वास उठ जाएगा।
खड्गसिंह ने अंत में क्या किया?
पश्चाताप से भरकर रात को चुपचाप सुलतान को वापस लाकर अस्तबल में बाँध दिया।
कहानी का यह शीर्षक "हार की जीत" क्यों रखा गया है?
क्योंकि बाबा भारती घोड़ा हारकर भी अपने उत्तम विचारों से खड्गसिंह का हृदय जीत लेते हैं — यही उनकी सच्ची जीत है।


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