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हार की जीत — Class 6 Hindi

मल्हार · Chapter 4

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Chapter summary

सुदर्शन की यह प्रसिद्ध कहानी सच्चरित्रता और सद्भाव की विजय का संदेश देती है। संत बाबा भारती गाँव के बाहर एक छोटे मंदिर में रहते हुए भगवद्-भजन करते हैं और अपने प्रिय घोड़े "सुलतान" से अत्यधिक स्नेह रखते हैं। उस इलाके का कुख्यात डाकू खड्गसिंह सुलतान की प्रशंसा सुनकर उसे देखने आता है और घोड़ा पाने को बेचैन हो उठता है। वह बाबा को चेतावनी देता है कि वह यह घोड़ा छीन लेगा। एक दिन वह अपाहिज का वेश धरकर बाबा से सवारी माँगता है और छल से घोड़े पर बैठते ही उसे लेकर भाग जाता है। बाबा भारती उसे रोककर केवल इतनी प्रार्थना करते हैं कि इस घटना को किसी के सामने प्रकट न करे, क्योंकि अन्यथा लोग किसी गरीब-असहाय पर विश्वास करना छोड़ देंगे। बाबा के ये ऊँचे विचार खड्गसिंह के हृदय को बदल देते हैं। रात के अँधेरे में वह पश्चाताप के आँसू बहाते हुए चुपचाप सुलतान को वापस अस्तबल में बाँध जाता है। सुबह घोड़े को पाकर बाबा प्रसन्न होकर रो पड़ते हैं और कहते हैं कि अब कोई गरीबों की सहायता से मुँह न मोड़ेगा। दोनों के आँसुओं का उसी मिट्टी पर मेल हो जाता है। यही "हार की जीत" है।
सद्भाव और विश्वासचरित्र-परिवर्तनपश्चातापमानवीय मूल्यकहानी-तत्व

Key ideas & terms

बाबा भारती
संत स्वभाव के व्यक्ति, जो अपने घोड़े सुलतान से अत्यधिक प्रेम करते हैं और सद्भाव के प्रतीक हैं।
खड्गसिंह
उस इलाके का कुख्यात डाकू, जो छल से घोड़ा छीनता है पर अंत में बाबा के विचारों से बदल जाता है।
सुलतान
बाबा भारती का सुंदर और बलवान घोड़ा, जिसके इर्द-गिर्द पूरी कहानी घूमती है।
सुदर्शन
इस कहानी के लेखक; उनका वास्तविक नाम बदरीनाथ भट्ट था।
पश्चाताप
अपनी की हुई गलती या बुरे काम पर मन में होने वाला गहरा दुख और ग्लानि।
विशेषण
किसी की विशेषता, गुण या प्रकृति बताने वाला शब्द (जैसे दयालु, बाहुबली, सुंदर)।

Extra questions & answers

"हार की जीत" कहानी के लेखक कौन हैं?

इस कहानी के लेखक सुदर्शन (वास्तविक नाम बदरीनाथ भट्ट) हैं।

बाबा भारती को किससे सबसे अधिक प्रेम था?

अपने सुंदर और बलवान घोड़े सुलतान से उन्हें सबसे अधिक प्रेम था।

खड्गसिंह बाबा भारती के पास क्यों आया था?

वह सुलतान घोड़े की प्रशंसा सुनकर उसे देखने और पाने की चाह में आया था।

खड्गसिंह ने घोड़ा किस छल से छीना?

उसने अपाहिज का वेश धारण किया और सवारी माँगकर घोड़े पर बैठते ही उसे लेकर भाग गया।

सुलतान के छीने जाने का बाबा भारती पर क्या प्रभाव हुआ?

वे असावधान हो गए और कुछ समय बाद इस भय को स्वप्न के भय की तरह मिथ्या समझने लगे।

"बाबा भारती भी मनुष्य ही थे" — इसका क्या तर्क दिया गया है?

कि वे अपने घोड़े की प्रशंसा दूसरों के मुख से सुनने के लिए व्याकुल थे।

बाबा भारती ने खड्गसिंह से कौन-सा वचन माँगा?

कि वह इस घटना को किसी के सामने प्रकट न करे।

बाबा ने यह वचन क्यों माँगा?

क्योंकि घटना जानने पर लोग किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति पर विश्वास करना छोड़ देंगे और संसार से विश्वास उठ जाएगा।

खड्गसिंह ने अंत में क्या किया?

पश्चाताप से भरकर रात को चुपचाप सुलतान को वापस लाकर अस्तबल में बाँध दिया।

कहानी का यह शीर्षक "हार की जीत" क्यों रखा गया है?

क्योंकि बाबा भारती घोड़ा हारकर भी अपने उत्तम विचारों से खड्गसिंह का हृदय जीत लेते हैं — यही उनकी सच्ची जीत है।