Class 9 · Hindi

रैदास के पद

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Key terms to remember

रैदास (रविदास)

काशी में जन्मे भक्तिकालीन संत कवि, जिन्होंने बाह्य आडंबरों का खंडन कर मन की शुद्धता और आंतरिक भक्ति को सच्चा धर्म माना।

अनन्य भक्ति

एकनिष्ठ, अविचल भक्ति जिसमें भक्त अपने आराध्य के अतिरिक्त किसी और की ओर नहीं देखता।

चंदन-पानी, दीपक-बाती

पहले पद की उपमाएँ, जो भक्त और प्रभु के एकाकार, अभिन्न संबंध को दर्शाती हैं।

सुहागा

एक प्राकृतिक खनिज जो सोने की अशुद्धियाँ दूर कर चमक बढ़ाता है; कवि इसे प्रभु-भक्त के मेल का प्रतीक बनाता है।

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