Class 9 · Hindi

भारति, जय, विजयकरे!

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Key terms to remember

भारति/भारतमाता

कविता में भारत को चेतन देवी-रूप में चित्रित किया गया है, जिसकी विजय की कामना कवि करता है।

कनक-शस्य-कमलधरे

सोने जैसी फसलें और कमल धारण करने वाली — भारत की कृषि-संपन्नता और श्रम-सौंदर्य का प्रतीक संबोधन।

प्रकृति-मानवीकरण

वन-लता को वस्त्र, गंगा को हार और हिमालय को मुकुट बताकर प्रकृति को मानवीय रूप देना — कविता की प्रमुख विशेषता।

प्रणव/ओंकार

भारत के प्राणों में व्याप्त "ओम" की ध्वनि, जो उसकी आध्यात्मिक एवं ज्ञान-परंपरा का प्रतीक है।

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