Class 8 · Hindi

कबीर के दोहे

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Key terms to remember

दोहा

दो पंक्तियों का छंद, जिसकी प्रत्येक पंक्ति को बोलने में लगभग समान समय लगता है; कबीर ने इसी में गहरे जीवन-सत्य पिरोए।

साँच (सत्य)

कबीर के अनुसार सत्य से बड़ा कोई तप नहीं; सत्य ही जीवन का सर्वोच्च मूल्य और हृदय का प्रकाश है।

गुरु-महिमा

"गुरु गोविंद दोऊ खड़े" — गुरु को ईश्वर से भी ऊँचा स्थान, क्योंकि गुरु ही ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग दिखाते हैं।

सूप का दृष्टांत

साधु को सूप जैसा बताया गया है जो सार-सार (उपयोगी) को रख लेता और थोथा (निरर्थक) उड़ा देता है — विवेक का प्रतीक।

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